जयपुर में राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ की राज्य स्तरीय बैठक: 28 सूत्रीय एजेंडा पारित, 6,000 नए पदों के सृजन की मांग
जयपुर (भारत कुमार शर्मा)। राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ (एकीकृत) की संयुक्त प्रांतीय कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक प्रदेशाध्यक्ष जल सिंह कुंतल की अध्यक्षता में राजधानी जयपुर में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर से आए फार्मासिस्ट प्रतिनिधियों ने संवर्ग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, प्रशासनिक विसंगतियों और मांगों पर विस्तृत चर्चा करते हुए सर्वसम्मति से 28 सूत्रीय एजेंडा पारित किया।
प्रमुख मांगें एवं सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय
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नया पद सृजन व नियुक्ति: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु फार्मासिस्टों के 6,000 नए पदों के सृजन तथा पूर्व में जारी भर्ती प्रक्रिया के वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति देने का प्रस्ताव पारित किया गया।
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कैडर पुनर्गठन व DPC: फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के गजट नोटिफिकेशन के अनुरूप संवर्ग के पुनर्गठन और नियमित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के गठन की मांग रखी गई।
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अतिरिक्त कार्यभार से मुक्ति: फार्मासिस्टों पर पड़ रहे दोहरे कार्यभार (डबल चार्ज) की समस्या से स्थायी रूप से मुक्त करने पर बल दिया गया।
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संगठनात्मक सुधार: संगठन को अधिक पारदर्शी व पारदर्शी संरचना प्रदान करने के उद्देश्य से ‘एक व्यक्ति-एक पद’ का सिद्धांत लागू करने तथा संस्थापक पद को समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले की रही सक्रिय भागीदारी बैठक में कोटपूतली-बहरोड़ जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए जिला अध्यक्ष अंजू यादव एवं जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र शेखावत ने सहभागिता की। दोनों पदाधिकारियों ने अपने क्षेत्र के फार्मासिस्टों की स्थानीय समस्याओं, कार्यस्थल पर आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों और संवर्ग के हितों से जुड़ी मांगों को प्रांतीय मंच पर प्रखरता से रखा।

