आरबीएम अस्पताल में मरीजों को फल बांटकर मनाई गई 'मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना' की 15वीं वर्षगांठ, देश में पहले पायदान पर है राजस्थान
भरतपुर / कोशलेन्द्र दत्तात्रेय, 2 अक्टूबर
जनहितकारी 'मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना (दवा)' के 15 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को भरतपुर के आरबीएम चिकित्सालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. नगेन्द्र भदौरिया और योजना से जुड़े चिकित्सकों व फार्मासिस्ट कर्मचारियों की उपस्थिति में वार्डों में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए।
1800 से अधिक प्रकार की दवाइयां मिल रही हैं निःशुल्क कार्यक्रम के दौरान अधीक्षक डॉ. नगेन्द्र भदौरिया ने जानकारी दी कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत वर्तमान में 1800 से अधिक प्रकार की दवाइयां मरीजों को निःशुल्क वितरित की जा रही हैं। इसमें कैंसर, हृदय रोग, हेमोफिलिया, मधुमेह (शुगर) और श्वास-दमा जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग होने वाली बेहद महंगी दवाइयां भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना से हर साल लगभग 16 करोड़ मरीजों को लाभ मिलता है, जिस पर राज्य सरकार सालाना करीब 1300 करोड़ रुपए खर्च करती है। उपलब्ध दवाओं की संख्या के मामले में राजस्थान देश में पहले पायदान पर है।
फर्मासिस्टों के योगदान की सराहना अधीक्षक डॉ. भदौरिया ने योजना को धरातल पर सफलताಪूर्वक लागू करने और इसे देश में अव्वल बनाए रखने में फार्मासिस्टों के अहम योगदान की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया। 02 अक्टूबर 2011 को शुरू हुई इस योजना की वर्षगांठ पर फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष जल सिंह कुंतल के नेतृत्व में अस्पताल में मरीजों की सेवा की गई।
प्रमुख चिकित्सक एवं फार्मासिस्ट रहे मौजूद इस अवसर पर अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र डागुर, योजना के नोडल अधिकारी डॉ. मॉरिश अग्रवाल, डॉ. अंकित गर्ग, फार्मासिस्ट संघ के रज्जो सिंह, गंभीर सिंह, हेमंत मीणा, जितेंद्र सिंह कुंतल, जयशिव, जयंत फौजदार, सुनील कुमार, जितेंद्र कुमार, तेजवीर देशवार, हेमराज सिंह, प्रभुदयाल धाकड़, सौरभ शर्मा, दीनदयाल गुप्ता सहित जिलेभर के तमाम फार्मासिस्ट कर्मचारी और चिकित्साकर्मी उपस्थित रहे।

