सोयला में फोरलेन चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी; मुआवजा नहीं मिलने पर दुकानों के आगे लिखवाए संदेश
बावड़ी/जोधपुर - मिश्रीलाल लखारा
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-62 के नागौर-जोधपुर सेक्शन में फोरलेन चौड़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में सोयला कस्बे में सड़क के दोनों ओर किए गए अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से जेसीबी की सहायता से सड़क सीमा में आ रहे कच्चे-पक्के निर्माणों को हटाया जा रहा है।
डेढ़ महीने पहले दिए गए थे नोटिस
विभाग द्वारा करीब डेढ़ महीने पहले ही ग्रामीणों और व्यापारियों को नोटिस जारी कर सड़क सीमा से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। पीडब्ल्यूडी अधिशाषी अभियंता अनिल घोलिया के निर्देश पर ग्राम पंचायत के माध्यम से भी यह सूचना दी गई थी। शुरुआती दौर में कई लोगों ने स्वैच्छिक रूप से निर्माण हटाना शुरू कर दिया था। हालांकि, बाद में ग्रामीणों की मांग पर विभाग द्वारा सड़क सीमा का सीमांकन कर स्थिति स्पष्ट की गई, जिसके बाद अब विधिवत कार्रवाई की जा रही है।
मुआवजे को लेकर आक्रोश, दुकानों पर लिखवाया संदेश
कार्रवाई के बीच प्रभावित लोगों का आरोप है कि उन्हें अब तक उनकी अधिग्रहित भूमि या निर्माण का मुआवजा नहीं मिला है। मुआवजे के लिए उन्हें जोधपुर और नागौर के बीच स्थित विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पीड़ित ओमप्रकाश प्रजापत ने बताया कि खसरा नंबर 142 पर स्थित उनकी दुकान सड़क सीमा में आ रही है। सर्वे के दौरान उनकी भूमि को गलती से 'बेनामी' दर्ज कर लिया गया था। इस संबंध में उन्होंने जून 2026 में संबंधित पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और नागौर व जोधपुर के अपर मजिस्ट्रेट को लिखित में अवगत कराया था, लेकिन इसके बावजूद आज तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला। इसी तरह महेंद्र सिंह चारण सहित अन्य प्रभावितों का भी कहना है कि समस्याओं का समाधान न होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रोल अदा कर रहा अनोखा विरोध
मुआवजे की मांग को लेकर अधिकारियों के यहां सुनवाई न होने से परेशान कुछ व्यापारियों और ग्रामीणों ने अनोखा तरीका अपनाया है। उन्होंने अपने प्रतिष्ठानों के आगे पेंटर से साफ शब्दों में संदेश लिखवा दिया है—“हमें सरकार द्वारा मुआवजा नहीं मिला है, मुआवजा मिलने तक हमारा पक्का निर्माण नहीं हटाया जाए।”

