तखतगढ़ में जनांदोलन लाया रंग: बायोसा मंदिर तालाब की बदहाली पर धरना समाप्त, प्रशासन ने मानीं सभी मांगें
तखतगढ़ (बरकत खान) कस्बे के बायोसा मंदिर स्थित सार्वजनिक तालाब की वर्षों पुरानी बदहाली और गंदगी के खिलाफ उठी जनता की आवाज आखिरकार रंग लाई। नियमित सफाई, गहरीकरण और सुरक्षा घेराबंदी (तारबंदी) की मांग को लेकर वार्डवासियों, पार्षदों और जागरूक नागरिकों द्वारा दिया जा रहा धरना प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद समाप्त हो गया।
गौरतलब है कि लंबे समय से सफाई न होने के कारण तालाब में प्लास्टिक कचरे के अंबार लगे थे और गंदे पानी की सड़ांध से उठती दुर्गंध ने स्थानीय बाशिंदों व राहगीरों का जीना मुहाल कर रखा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाल ही में नवनिर्वाचित पालिका अध्यक्ष जय श्री नामा ने भी तालाब का औचक निरीक्षण कर अधिशासी अधिकारी (ईओ) व कर्मचारियों को युद्धस्तर पर सफाई कराने व खुले में कचरा फेंकने वालों पर जुर्माने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्थायी समाधान की मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों और पार्षदों ने धरना शुरू कर दिया था, जिसे कांग्रेस पार्षदों ने भी मौके पर पहुंचकर समर्थन दिया था।
- अधिकारियों ने पहुंचकर की मध्यस्थता, सौंपा ज्ञापन:
आंदोलन के बढ़ते दबाव और स्थानीय लोगों के कड़े विरोध को देखते हुए उप तहसीलदार जितेंद्र बेबरवाल एवं ईओ महेंद्र बंजारा धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बिंदुवार वार्ता की और जनता की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया। इसके पश्चात आंदोलनकारियों ने अधिकारियों को औपचारिक ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त करने की घोषणा की।
इन प्रमुख कार्यों पर बनी सहमति:
- युद्धस्तर पर सफाई: आधुनिक जेसीबी और पालिका संसाधनों की मदद से तालाब में जमी जलकुंभी, सिल्ट और प्लास्टिक कचरे को तुरंत बाहर निकाला जाएगा।
- गंदे पानी की रोकथाम: प्रमुख नालों की तत्काल सफाई होगी तथा तालाब में गंदे पानी की आवक रोकने के लिए वैकल्पिक ड्रेनेज या पक्की सुरक्षा दीवार व नाले का निर्माण करवाया जाएगा।
- गहरीकरण व सौंदर्यीकरण: तालाब की जलभराव क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक मरम्मत, गहरीकरण व सौंदर्यीकरण कार्य प्राथमिकता से कराए जाएंगे।
वार्ता के तुरंत बाद ईओ महेंद्र बंजारा ने तालाब से जुड़े सभी नालों का स्थलीय निरीक्षण कर सफाई अमले को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। धरना समाप्ति के दौरान पार्षद सूरज कुमार वाल्मीकि, रामचंद्र जीनगर, भामाशाह जगदीश घांची, फतेह मोहम्मद, दीपसिंह, तेजाराम सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

