भरतपुर में विधिक माप विज्ञान विभाग की सख्त कार्रवाई: बिना सत्यापन के चल रहा था धर्मकांटा, 10 हजार का जुर्माना
भरतपुर / कोशलेन्द्र दत्तात्रेय / 22 अक्टूबर:
उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और माप-तौल में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपभोक्ता मामले विभाग के विधिक माप विज्ञान विभाग ने गुरुवार को जिलेभर के विभिन्न धर्मकांटों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों पर विभाग ने सख्त तेवर दिखाए हैं।
प्रमुख प्रतिष्ठानों के धर्मकांटों की हुई जांच
विधिक माप विज्ञान अधिकारी रामकुंवर ने बताया कि विभाग की टीम ने आज कई प्रमुख स्थानों पर पहुंचकर धर्मकांटों की शुद्धता और मानकों की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दायरे में आने वाले प्रमुख प्रतिष्ठान निम्नलिखित रहे:
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अमोली टोल प्लाजा
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एलएससी इन्फ्राटेक कोटकी
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भूमि कंस्ट्रक्शन
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एआरएच इन्फ्रा सोल्यूशन घाटरी
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मोहन स्टोन क्रेशर
बिना सत्यापन चल रहा था कांटा, लगा जुर्माना
जांच के दौरान मोहन स्टोन क्रेशर पर नियमों की खुली धज्जियाँ उड़ती पाई गईं। यहाँ बिना निर्धारित सत्यापन के ही धर्मकांटे का संचालन किया जा रहा था। इस गंभीर लापरवाही पर विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संस्थान पर 10 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई है।
विभाग की सख्त चेतावनी व अपील:
विधिक माप विज्ञान अधिकारी ने सभी धर्मकांटा संचालकों को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी है कि वे अपने सभी माप-तौल उपकरणों का समय पर सत्यापन और मुद्रांकन अनिवार्य रूप से करवाएं। सत्यापन के उपरांत ही उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की ठगी या असुविधा का सामना न करना पड़े। विभाग ने साफ कर दिया है कि माप-तौल में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसा ही कड़ा एक्शन जारी रहेगा।

