श्री जड़खोर गौधाम में श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस भगवान वेदव्यास की महिमा, गुणातीत भक्ति और भगवन्नाम की सर्वोच्चता का हुआ वर्णन

Oct 13, 2026 - 20:02
 0
श्री जड़खोर गौधाम में श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस भगवान वेदव्यास की महिमा, गुणातीत भक्ति और भगवन्नाम की सर्वोच्चता का हुआ वर्णन

डीग (नीरज जैन) -13 अक्टूबर। राजस्थान प्रदेश के डीग जिले में स्थित कामवन क्षेत्र के प्रतिज्ञा वन में श्री जड़खोर गौधाम में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस अग्रपीठाधीश्वर मलूकपीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी  राजेंद्र दास  महाराज ने भगवान वेदव्यास जी के लोककल्याणकारी योगदान, गुणातीत भक्ति, भगवन्नाम और संत-संगति की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। कथा का शुभारंभ यजमान परिवार द्वारा श्रीमद्भागवत जी एवं व्यासपीठ के पूजन तथा श्री गणेशदास भक्तमाली वेद विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सुंदर संस्कृत शास्त्रार्थ की प्रस्तुति से हुआ।
इस अवसर पर पूज्य  दीनबंधु दास महाराज ने महाराज श्री के वैदिक शिक्षा के विस्तार के संकल्प पर प्रकाश डालते हुए बताया कि श्री जड़खोर गौधाम में 300 से अधिक विद्यार्थियों को वेद एवं शास्त्रों की शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य है। इस दिशा में वर्ष 2028 तक पूर्ण आवासीय गुरुकुल के निर्माण का संकल्प है, जहाँ देश के प्रतिष्ठित विद्वानों के सान्निध्य में विद्यार्थियों को वैदिक शिक्षा प्रदान की जाएगी।

दीनबंधु दास  महाराज ने वृंदावन स्थित गौरी गोपाल आश्रम के संचालक  अनिरुद्धाचार्य  महाराज की अन्नसेवा, गौसेवा और ब्राह्मण विद्यार्थियों की सेवा की सराहना करते हुए उनके कार्यों को प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर अनिरुद्धाचार्य  महाराज ने अपने उद्बोधन में महाराज श्री के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि वे स्वयं को उनके चरणों की रज के समान मानते हैं। उन्होंने गौसेवा, संतसेवा, ब्राह्मण सेवा और गुरुकुलों के संरक्षण को सनातन धर्म की रक्षा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए महाराज श्री के मानव कल्याणकारी कार्यों की प्रशंसा की।
इसके पश्चात महाराज जी ने नासिक के श्री गोवर्धन क्षेत्र स्थित दत्त धाम से पधारे परमपूज्य श्री दत्त दास जी महाराज के कठोर सात्त्विक जीवन और साधना का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को प्रेरणा दी। उन्होंने ब्रज के सिद्ध संत श्री फलाहारी जी महाराज के पवित्र चरित्र, गौसेवा एवं जीवसेवा के प्रेरक प्रसंगों का भी उल्लेख किया। महाराज जी के सुमधुर मंगलाचरण, राम-कृष्ण नाम संकीर्तन तथा श्रीकृष्ण गीतावली के भावपूर्ण पदों से संपूर्ण कथा परिसर भक्तिरस में सराबोर हो उठा।
भगवान वेदव्यास जी की महिमा का वर्णन करते हुए महाराज जी ने बताया कि उन्होंने जीवों के परम कल्याण के लिए पुराणों, उपपुराणों और अनेक महान ग्रंथों की रचना की। उन्होंने मनुष्य को अर्थ और काम की आसक्ति से ऊपर उठकर धर्म का आश्रय लेने की प्रेरणा दी। महाराज जी ने समझाया कि सनातन धर्म की विभिन्न उपासना परंपराओं के मूल प्रेरणास्रोत भगवान वेदव्यास जी ही हैं, जिन्होंने विविध साधकों के कल्याण के लिए उनके अनुरूप ग्रंथों की रचना की। उन्होंने बताया कि समस्त उपासनाओं का परम फल भगवत्प्राप्ति है।
गुणातीत भक्ति की सर्वोच्चता समझाते हुए महाराज जी ने कहा कि जिस भक्ति में साधक को न सांसारिक भोगों की इच्छा हो और न मुक्ति की कामना, बल्कि केवल भगवान की निष्काम सेवा की अभिलाषा हो, वही सर्वोच्च भक्ति है। उन्होंने लौकिक धर्म और भागवत धर्म का अंतर स्पष्ट करते हुए बताया कि भागवत धर्म का परम फल भगवान के चरणकमलों की प्राप्ति है। जब तक जीव को भागवत धर्म का आश्रय नहीं मिलता, तब तक वह संसार में भटकता रहता है।
भगवान वेदव्यास जी और महर्षि नारद जी के संवाद का उल्लेख करते हुए महाराज जी ने समझाया कि सत्कर्मों के अनुष्ठान से शरीर तथा भगवद्चिंतन से मन स्वस्थ होता है। संसार के चिंतन में डूबकर भगवान का विस्मरण करना ही मनुष्य के दुःखों का मूल कारण है। उन्होंने बताया कि प्रारब्धजनित कष्टों का सामना करते समय भी मनुष्य को भगवान का स्मरण नहीं छोड़ना चाहिए।
इसी संदर्भ में महाराज जी ने पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर के पवित्र चरित्र का प्रेरक प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि काशी के एक ब्राह्मण ने अहिल्याबाई के गुणों का वर्णन करते हुए एक सुंदर ग्रंथ की रचना की। अहिल्याबाई ने ब्राह्मण को सम्मानित कर धनराशि प्रदान की, किंतु अपने गुणगान के स्थान पर भगवान का यशगान करने की प्रेरणा देते हुए उस ग्रंथ को नदी में विसर्जित करवा दिया।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी [email protected] या वाट्सएप न 8094612000 पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................