'स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन': भरतपुर में आंगनबाड़ी ओलंपिक की धूम, नन्हे-मुन्ने बच्चों ने खेल-खेल में दिखाया हुनर
भरतपुर / कोशलेन्द्र दत्तात्रेय / 22 अक्टूबर:
मासूमों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को नई दिशा देने और उनके भीतर छिपी प्रतिभा को तराशने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिलेभर में 'स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन' थीम पर तीन दिवसीय 'आंगनबाड़ी ओलंपिक' का शानदार आयोजन किया जा रहा है। 21 से 23 अक्टूबर तक चलने वाले इस खेल कुंभ में आंगनबाड़ी केंद्रों के नन्हे-मुन्ने बच्चे बड़े उत्साह और उमंग के साथ भाग ले रहे हैं।
खेल-खेल में सर्वांगीण विकास की अनूठी पहल
आईसीडीएस के उप निदेशक सिकमारामाराम चोयल ने बताया कि इस ओलंपिक का मुख्य ध्येय बच्चों में खेल भावना, शारीरिक सक्रियता, आपसी सहयोग और स्वस्थ जीवनशैली की आदतें विकसित करना है।
तीन दिवसीय आयोजन की प्रमुख गतिविधियाँ:
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पहला दिन (21 अक्टूबर): 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए मेंढक दौड़, रिले रेस, सितोलिया और पारंपरिक स्थानीय खेलों का आयोजन हुआ।
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दूसरा दिन (22 अक्टूबर): रचनात्मकता पर जोर देते हुए मिट्टी व पत्तों से खिलौने बनाना, बाल्टी में गेंद डालना और 'कमाल झपटा' जैसी मनोरंजक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
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विशेष आयोजन: जिला समन्वयक प्राची चौधरी के नेतृत्व में उच्चैन ब्लॉक के तेहरा ब्राह्मण आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित खेलों में बच्चों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया, जिससे उनके आत्मविश्वास और टीम भावना में अद्भुत वृद्धि देखने को मिली।
कल होगा समापन, विजेताओं को मिलेगा पुरस्कार
कार्यक्रम के अंतिम दिन शुक्रवार, 23 अक्टूबर को रोमांच चरम पर होगा। इस दिन:
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100 मीटर दौड़, नींबू दौड़, म्यूजिकल चेयर और खो-खो जैसी पारंपरिक और लोकप्रिय खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
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शाम को भव्य समापन समारोह के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नन्हे खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
सामुदायिक सहभागिता की अनूठी मिसाल:
इस ओलंपिक को सफल बनाने में केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएँ ही नहीं, बल्कि मेंटर टीचर, स्कूल न जाने वाली किशोरियाँ, स्वयंसेवी संस्थाएँ, महिला समूह और बच्चों के अभिभावक भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दे रहे हैं।

