उप जिला चिकित्सालय के लिए भूमि आवंटन के विरोध में निकाली रैली , जताया विरोध
रूपबास / भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)। शहर में उपजिला चिकित्सालय स्वीकृत होने के बाद ग्राम पंचायत चैकोरा के गांव नगला देविया में शहर से 5 किलोमीटर दूर बीहड़ों में भूमि आवंटित किए जाने के विरोध में सोमवार को शहरवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। इसके चलते हनुमान चौक से महादेव चौक, गांधी पार्क मेला मैदान व न्यायालय मार्ग से होते हुए उपखंड अधिकारी कार्यालय तक एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। रैली के बाद एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरना दिया गया।
पूर्व तहसीलदार की अध्यक्षता में हुई सभा
धरना स्थल पर पूर्व तहसीलदार मटोलीराम शर्मा की अध्यक्षता में एक आम सभा आयोजित की गई। इस दौरान संयोजक धीरज शुक्ला ने कहा कि सरकार द्वारा चैकोरा के नगला देविया में आवंटित भूमि शहर से काफी दूर बीहड़ में है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा होगी। जनता की मांग है कि या तो यह अस्पताल रूपबास में वर्तमान स्थान पर बने या फिर सिरसौदा रोड, गौरव पथ अथवा नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भिडायानी क्षेत्र में उपलब्ध पर्याप्त सरकारी भूमि पर इसका निर्माण कराया जाए। चैकोरा की भूमि आवंटन को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने शहर से दूर बने कॉलेज का उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व में कॉलेज दूर और बीहड़ में बनने के कारण आज केवल औपचारिकता मात्र चल रहा है, वहां विद्यार्थी नहीं पहुंच पाते। यदि अस्पताल भी ऐसी जगह बना तो उसकी स्थिति भी कॉलेज जैसी हो जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
धरना प्रदर्शन के उपरांत उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार को एक प्रतिनिधिमंडल ने उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ऋषभ कटारा, संयोजक धीरज शुक्ला, शिक्षाविद ओमकार शुक्ला, सह संयोजक अरुण परमार, सतवीर किरार तथा कुबेर सिंह राजावत के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा।
सभा में उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ऋषभ कटारा, पार्षद दर्शन कौशल, पार्षद रमेश कोली, पार्षद सतीश सिंघल, समाजसेवी मुकेश कटारा, पार्षद मुकेश सेठी, कैलाशीराम जाटव, विनोद तिवारी, प्रताप सिंह किरार, कुबेर सिंह राजावत, सत्यवीर सिंह किरार, रामवीर सिंह परमार, ताराचंद शर्मा, पंडित ओम प्रकाश शास्त्री, रवि शंकर कश्यप, प्रशांत बंसल, योगेश वरुण, पुरुषोत्तम शर्मा सहित अनेक वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। इस दौरान प्रेम प्रकाश पाराशर एडवोकेट, कृष्ण डागुर एडवोकेट, प्रताप दत्तात्रेय, बहादुर सिंह, धर्मेंद्र, अनिल कुमार कसल, राजेंद्र सिंह, चंद्रभान, अजीत, मांगीलाल, माया देवी, निरंजन किरार आदि बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे। सभी ने चेतावनी दी कि यदि आवंटन रद्द कर शहर के नजदीक भूमि नहीं दी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

