कठूमर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया करवा चौथ: सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत, पति की दीर्घायु की कामना
कठूमर ( दिनेश लेखी)
कस्बे में गुरुवार को करवा चौथ का पावन पर्व पूरी श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना के लिए कठिन निर्जला व्रत रखा। दिनभर महिलाओं ने व्रत के नियमों का पालन करते हुए भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
बाजारों में रही रौनक, महिलाओं में दिखा उत्साह
करवा चौथ को लेकर सुबह से ही कस्बे में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। विवाहित महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सजने-संवरने के साथ हाथों में खूबसूरत मेहंदी रचाई और सोलह शृंगार कर व्रत की सभी तैयारियां पूरी कीं। पर्व को लेकर स्थानीय बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखने को मिली, जहाँ महिलाओं ने पूजा के लिए करवा, पूजन सामग्री, मिठाइयों और शृंगार के सामान की जमकर खरीदारी की।
पारंपरिक कथा और सामूहिक पूजा
दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद महिलाओं ने शाम को एकत्र होकर विधि-विधान से पूजा की और करवा चौथ की पारंपरिक कथा सुनी। इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास व मधुरता बनाए रखने की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत दांपत्य जीवन की खुशहाली का प्रतीक है, जिसके चलते महिलाओं में विशेष उल्लास देखा गया।
चंद्र दर्शन के साथ पूर्ण हुआ अनुष्ठान
करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व होता है। दिनभर की प्रतीक्षा के बाद चंद्रमा के उदय होने पर महिलाओं ने अर्घ्य अर्पित किया और परंपरा के अनुसार छलनी से चंद्रमा व अपने पति का दीदार किया। इसके पश्चात पतियों के हाथों जल ग्रहण कर महिलाओं ने अपना निर्जला व्रत खोला।
इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के दौरान आशा लेखी, पिंकी अध्यापिका, संतोष अध्यापिका, चंद्रवती सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस पर्व को बेहद हर्षोल्लास के साथ संपन्न किया।

