रेलवे के कार्यों में भी घटिया निर्माण सामग्री उपयोग कभी भी हादसे की संभावनाएं
कौन थे इस निर्माण कार्य की देखरेख करने अधिकारी और कर्मचारी?
राजगढ़ (अलवर/ अनिल गुप्ता) अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हाल ही में 13 करोड़ 9 लाख रुपए की लागत से हुए पुनर्विकसित राजगढ़ रेलवे स्टेशन की गुणवत्ता पर अब सवाल उठने लगे हैं। फुट ओवर ब्रिज के नीचे कोटा स्टोन धंस जाने से सुरक्षा को लेकर यात्रियों में डर का माहौल बन गया है। गौरतलब है कि 22 मई 2025 को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने इस स्टेशन का वर्चुअल लोकार्पण किया था।
इससे पहले रेलवे के गति शक्ति परियोजना के तहत इंजीनियरों द्वारा कई बार निरीक्षण भी किया गया था। इसके बावजूद प्लेटफॉर्म और ब्रिज के आस-पास की खामियां कार्य की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं। वही प्लेटफॉर्म पर फुट ओवर ब्रिज के नीचे मिट्टी बैठने से कोटा स्टोन धंस गया व टीन शेड में पाईप में कचरा आने से पानी टपक रहा था।
जिसकी शिकायत को लेकर जयपुर रेलवे के सहायक अभियन्ता आरबी मीना एवं एसएसई तेजपाल मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। जहां उन्होंने मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया है।
गौरतलब रहे कि बरसात के दिनों में प्लेट फार्मों पर लगी टीन शेडों में भी जगह जगह से पानी टपकता है। जिससे वहां लगे हुए पंखे आदि उपकरणों के खराब होने के साथ यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


