NH-62 चारलेन परियोजना: सोयला में पुश्तैनी दुकानों पर चला हथौड़ा, सीमांकन न होने से व्यापारियों में असमंजस; हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद पीडब्ल्यूडी ने जारी किए नोटिस
45 मीटर बाउंड्री में आने वाले निर्माणों को 7 दिन में खुद हटाने में जुटे ग्रामीण
बावड़ी (जोधपुर):राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-62 (नागौर-जोधपुर सेक्शन) के प्रस्तावित चारलेन चौड़ीकरण परियोजना के तहत सोयला गाँव में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (भारत सरकार) की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राजमार्ग की निर्धारित 45 मीटर रोड बाउंड्री के भीतर आए अनधिकृत निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, नागौर) की ओर से नोटिस जारी होते ही कई व्यापारी और ग्रामीण अपनी वर्षों पुरानी पुश्तैनी दुकानों व मकानों को स्वयं ढहाने में जुट गए हैं।
- हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासनिक कार्रवाई
विभाग के अधिशाषी अभियंता अनिल घोलिया की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, यह कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन याचिका (हिम्मतसिंह गहलोत बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य) में दिए गए निर्देशों की अनुपालना में की जा रही है। ग्राम पंचायत सोयला के माध्यम से दिए गए नोटिस में संबंधित अतिक्रमणकारियों को 7 दिनों के भीतर निर्माण हटाने की हिदायत दी गई है। इसके बाद सोयला बस स्टैंड, जैन मार्केट, मिस्त्री मार्केट और ओसियां चौराहे पर दिन-रात जेसीबी मशीनों और मजदूरों की मदद से दुकानें गिराने व मलबा हटाने का काम चल रहा है।
- रोज़ी-रोटी और आशियाने का संकट
वर्षों से व्यवसाय कर रहे स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पीढ़ियों पुरानी दुकानों और मकानों को हटाने से उनके सामने रोज़ी-रोटी और पुनर्वास का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बाजार का स्वरूप तेज़ी से बदल रहा है और व्यापारियों के सामने नए सिरे से व्यवसाय स्थापित करने की बड़ी चुनौती है।
- आधिकारिक सीमांकन की उठी माँग
कार्रवाई के बीच सबसे बड़ी समस्या सटीक सीमांकन (सीमा ज्ञान) को लेकर सामने आ रही है। ग्राम पंचायत प्रतिनिधि कोजाराम भाटी और ग्रामीणों ने बताया कि विभाग को सूचित करने के बावजूद अधिकारियों ने अभी तक मौके पर जाकर रोड बाउंड्री का स्पष्ट सीमांकन नहीं किया है। ग्रामीणों को यह स्पष्ट नहीं है कि सड़क के मध्य से कितनी दूरी तक निर्माण हटाया जाना अनिवार्य है। असमंजस की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने माँग की है कि विभागीय टीम जल्द मौके पर पहुँचकर सीमांकन करे ताकि बेवजह के नुकसान से बचा जा सके।

