अधिकारी शहरी और ग्रामीण शिवरों में आमजन की समस्याओं का तत्काल करें समाधान - रावत
डीग। (नीरज जैन) जल संसाधन एवं जल संसाधन (आयोजना) विभाग मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मंगलवार को डीग में किशन लाल जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित शहरी सेवा शिविर 2025 का निरीक्षण किया। इस दौरान डीग-कुम्हेर विधायक डॉ शैलेश सिंह और जिला कलेक्टर उत्सव कौशल मौजूद रहे। शिविर स्थल पर प्रभारी मंत्री रावत ने आमजन की समस्याएँ सुनीं और विभागीय अधिकारियों को आमजन की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का असली लाभ तभी है जब उनका पारदर्शी क्रियान्वयन हो। उन्होंने नामांतरण, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा , राजस्व और पेयजल जैसी सेवाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक आवेदक को सम्मानपूर्वक सेवा और समयबद्ध समाधान मिले। उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और विद्युत विभाग द्वारा प्राप्त किए परिवादो का अवलोकन किया। प्रभारी मंत्री रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का निस्तारण न सिर्फ कागजों में बल्कि धरातल पर भी पूरी गंभीरता से होना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि डीग की जनता की भागीदारी और प्रशासन की जवाबदेही मिलकर ही सेवा शिविरों को सफलता की नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी। प्रभारी मंत्री सुरेश सिंह रावत, डीग-कुम्हेर विधायक डॉ शैलेश सिंह द्वारा शिविर में लोगो को पट्टे, फायर एनओसी और पीएम आवास योजना शहरी (2.0) के तहत प्रथम किस्त 50 हजार रुपए वितरित किए गए।
प्रभारी मंत्री रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में पूरे राज्य में सेवा शिविरों का आयोजन सुनियोजित ढंग से किया जा रहा है, ताकि आमजन को योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके। शिविरों में 16 से भी अधिक विभाग के अधिकारी आमजन को लाभान्वित कर रहे है। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जाए।बी उन्होंने कहा कि यदि किसी समस्या का समाधान तत्काल संभव न हो तो उसे कार्यालय स्तर पर प्राथमिकता से निपटाया जाए, और यदि कोई मुद्दा संबंधित योजना के दायरे में नहीं आता है तो जनता को पारदर्शी तरीके से सूचित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 75 हजार से अभी अधिक युवाओं को नौकरी दी है और 1 लाख 65 हजार भर्ती प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि लगभग 10 लाख 75 हजार महिलाओं को लखपति बनाया गया है, 8 करोड़ से अधिक की राशि किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में दी गई है, सड़कों के निर्माण के लिए 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना छोड़ने वालों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सक्षम नागरिकों ने खाद्य सुरक्षा छोड़कर वास्तव में ज़रूरतमंद लोगों को लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त किया है।


