भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जल संसाधन मंत्री व जिला प्रभारी सुरेश सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों में अधिकारी मुस्तैदी से कार्य करते हुए आमजन को मौके पर राहत प्रदान करें। उन्होंने कहा कि शिविर में आने वाला कोई नागरिक निराश होकर नहीं लौटे जो कार्य त्वरित नहीं किया जा सके उसके बारे में परिवादी को पूरी जानकारी देकर पात्रता के बारे में अवगत करायें।
जिला प्रभारी मंत्री मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में सेवा शिविरों की प्रगति, विकास कार्यों एवं बजट घोषणाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सभी विभाग बजट घोषणाओं एवं फ्लैगशिप योजनाओं को समय पर पूरा करते हुए प्रगतिरत कार्यों की नियमित मॉनिटिंग करें। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर में आंकड़ों में उलझने के बजाय मौके पर राहत को प्राथमिकता देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शिविरों में विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर पात्र व्यक्तियों को मौके पर चयन कर आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति कराई जाये। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी संबधी समस्याओं को त्वरित निराकरण किया जाकर चिकित्सा सुविधाओं, पशुधन के टीकरकण का लाभ सभी किसानों को प्रदान किया जाये। उन्होंने कहा कि अभियान के बाद कोई भी ग्रामीण स्वामित्व पट्टे से वंचित नहीं रहे।
अधिक वर्षा से प्रभावितों को त्वरित मिले राहत
उन्होंने आपदा राहत प्रस्तावों एवं अतिवृष्टि प्रभावितों के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि इस वर्ष मानसून के दौरान अधिक वर्षा के कारण खराब हुई फसलों, क्षतिग्रस्त सम्पतियों पशुधन एवं जन जनित घटनाओं में प्रभावितों को सहायता राशि समय पर मिले। उन्होंने खराब फसलों की गिरदावरी करवाते रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण एवं सटीकता पर जोर दिया। पटवारी एवं तहसीलदार स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सटीक गिरदावरी किसानों को सब्सिडी, ऋण एवं अन्य योजनाओं का लाभ लेने में सहायक होगी। उन्होंने बीमा कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित करने तथा फसल बीमा योजनाओं के अंतर्गत दावों का त्वरित निपटान कर किसानों को फसल बीमा योजना में खराब एवं निष्फल बुवाई का मुवावजा दिलाने के निर्देश दिए।
जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों, राजकीय भवनों, पुलियाओं की मरम्मत कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे कराये जायें जिससे आमजन को परेशानी नही हों। जिला कलक्टर ने बताया कि प्रथम चरण में एक करोड़ की क्षतिग्रस्त सड़को की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। तीन प्रस्ताव बनाकर सरकार को भिजवा दिये गये है।
किसानों को रबी सीजन में समय पर उर्वरक मिलें
जिला प्रभारी ने उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा कर रबी फसल की तैयारी के मद्देनजर यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरकों की मांग के अनुसार पारदर्शिता से वितरण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसानों की मिट्टी जांच के आधार पर उर्वरकों का उपयोग के लिए प्रेरित करें। मिट्टी परीक्षण के आधार पर अधिक उपज लेने वाले किसानों की सफल कहानियों को अन्य किसानों को बताकर प्रेरित करें। उन्होंने जिला कलक्टर द्वारा प्रतिदिन उर्वरकों की उपलब्धता को सार्वजनिक करने के निर्णय की सराहना करते हुए किसानों को पादर्शिता से सदी दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
जिला कलक्टर कमर चौधरी ने जिले के विकास कार्यों, बजट घोषणाओं की प्रगति एवं उर्वरक उपलब्धता, ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनन्द, बीडीए आयुक्त कनिष्क कटारिया, केवलादेव निदेशक मानससिंह, नगर निगम आयुक्त श्रवण विश्नोई, उपखंडाधिकारी राजीव शर्मा सहित अधिकारीगण, जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा, गिरधारी तिवारी सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।