पोस्टमार्टम में देरी से नाराज परिजनों ने किया हंगामा, अस्पताल के बाहर किया सड़क जाम, अनुपस्थित चिकित्सकों को दिया कारण बताओ नोटिस
बिना किसी सूचना के ड्यूटी से गायब थे 11 चिकित्सक, और मृतकों के परिजन पोस्टमार्टम के लिए गिड़गिड़ाते रहे, अब अस्पताल में बायोमैट्रिक हाजिरी लगेगी
तिजारा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को एक दुर्घटना में मौत होने के बाद आए शवों के पोस्टमार्टम में देरी को लेकर नाराज परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मोर्चरी में रखी तीन डेड बॉडी का पोस्टमार्टम सुबह 10 बजे तक न होने पर परिजन आक्रोशित हो गए। डॉक्टरों की अनुपस्थिति और मरीजों की भारी भीड़ के कारण व्यवस्था चरमरा गई, जिसके चलते परिजनों ने अस्पताल के सामने सड़क जाम कर दिया।
घटना को लेकर परिजन रात में भी अस्पताल में डटे रहे, लेकिन न तो डॉक्टर सीट पर पहुंचे और न ही कोई स्पष्ट जवाब मिला। हंगामे की सूचना पर तिजारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अस्पताल पहुंचकर अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
हंगामे का मुख्य कारण तिजारा निवासी 25 वर्षीय मोनू पुत्र चंद्रशेखर की मौत से जुड़ा है। मृतक के भाई आलोक कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम को सोनू अपनी ड्यूटी से घर लौट रहा था, तभी रभाना से सैदपुर के बीच में एक ट्रैक्टर ने उसकी बाइक को जबरदस्त टक्कर मार दी। हादसे में सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिजन शव लेकर तिजारा अस्पताल पहुंचे और मोर्चरी में रखवाया।
आलोक ने रोष जाहिर करते हुए कहा, "रात से हम अस्पताल में बैठे हैं, लेकिन न तो स्वीपर की व्यवस्था है और न ही कोई डॉक्टर सीट पर है। पोस्टमार्टम के लिए बार-बार फोन करने पर भी कोई संपर्क नहीं हो पा रहा। यह लापरवाही असहनीय है।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के कारण शवों को अंतिम संस्कार के लिए समय पर सौपा नहीं जा सका। इस मामले पर तिजारा ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज यादव ने सफाई दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्वीपर की व्यवस्था पहले से ही नदारद थी, क्योंकि अस्पताल इंचार्ज ने उन्हें हटा दिया था। इससे पोस्टमार्टम प्रक्रिया में देरी हुई। डॉ. यादव ने कहा, "अभी वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है। मोर्चरी में रखी तीनों डेड बॉडी का बारी-बारी से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। हंगामा कर रहे परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया जा रहा है। हंगामा बढ़ता देख स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने तुरंत संज्ञान लिया और अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों व स्टाफ को सख्त हिदायत दी कि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। पुलिस ने भी परिजनों को आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी शवों का पोस्टमार्टम पूरा कर दिया जाएगा। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है।
- औचक निरीक्षण में 11 चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए, कारण बताओ नोटिस जारी
इधर, खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर किशोर कुमार के निर्देशन में उप जिला अस्पताल तिजारा में उपखण्ड अधिकारी तिजारा द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में बड़ी लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के दौरान कुल 11 चिकित्सक अपने कक्षों में अनुपस्थित पाए गए। इनमें संस्था प्रभारी डॉ. प्रवीण शर्मा सहित डॉ. नीरज पुरी, डॉ. अक्षय शर्मा, डॉ. अंकित गुप्ता, डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. रेखा यादव, डॉ. बरखा गुप्ता, डॉ. सतेंद्र कुमार, डॉ. रजनीश खोहिया, डॉ. विश्वेद, डॉ. देवेंद्र शर्मा एवं डॉ. निधि यादव शामिल है। निरीक्षण के दौरान सभी चिकित्सक बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए।
इस संबंध में उपखण्ड अधिकारी तिजारा द्वारा दूरभाष के माध्यम से सूचना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी खैरथल-तिजारा को दी गई। तत्पश्चात सीएमएचओ द्वारा मौके पर पहुंचकर पुनः निरीक्षण किया गया, जिसमें स्थिति यथावत पाई गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी खैरथल-तिजारा ने जिला कलेक्टर के निर्देश पर सभी अनुपस्थित चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में संबंधित चिकित्सकों के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा नियमों के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

