किशनगढ़बास का बेटा बना मिसाल: सीए फाइनल में ऑल इंडिया थर्ड रैंक की हासिल, पहले प्रयास में मिली सफलता
खैरथल (हीरालाल भूरानी) मेहनत, अनुशासन और निरंतरता से हर सपना सच हो सकता है। यह साबित किया है खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास के बकुल गुप्ता ने। आज सोमवार सुबह घोषित सीए फाइनल परीक्षा परिणाम में बकुल ने देशभर में तीसरी रैंक हासिल कर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। यह पहली बार है जब जिले से किसी विद्यार्थी ने ऑल इंडिया टॉप-3 में जगह बनाई है।
उनकी इस सफलता ने न केवल युवाओं को प्रेरित किया है बल्कि यह संदेश भी दिया है कि नियमित मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। पहले ही प्रयास में सफलता का झंडा बुलंद करने वाले बकुल को सीए संस्थान (आईसीएआई) के प्रेसिडेंट चरणजोत सिंह नंदा ने स्वयं फोन कर बधाई दी। परिणाम आने के साथ ही अलवर और किशनगढ़बास में जश्न का माहौल बन गया। बकुल ने बताया कि उन्होंने रोजाना छह से आठ घंटे नियमित पढ़ाई की और एक भी दिन अध्ययन नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि निरंतर रिवीजन और कॉन्सेप्ट क्लियर रखने से हर विषय में पकड़ मजबूत बनी रही। बकुल के पिता राजेश गुप्ता अनाज मंडी में आढ़तिया हैं, जबकि मां शशिबाला गुप्ता गृहिणी हैं। बड़े भाई बीएएमएस की पढ़ाई जयपुर से कर रहे हैं। फाइनल की तैयारी उन्होंने अलवर के रघु कॉम्पलेक्स स्थित एओसपी प्रो स्मार्ट एजुकेशन लर्निंग सेंटर से की, जहां संचालक पीयूष गुप्ता ने उनका मार्गदर्शन किया। बकुल ने स्कूलिंग सनहिल एकेडमी किशनगढ़बास से की। दसवीं में 97 प्रतिशत और बारहवीं में 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। 12वीं के बाद उन्होंने आईसीएआई ज्वाइन किया। सीए फाउंडेशन की तैयारी एमसीसी जयपुर से की और इंटरमीडिएट परीक्षा में ऑल इंडिया 32वीं रैंक प्राप्त की। अब फाइनल में तीसरा स्थान हासिल कर उन्होंने नया रिकॉर्ड बनाया है। आईसीएआई द्वारा घोषित परिणामों में पहला स्थान इंदौर के छात्र, दूसरा स्थान हैदराबाद के छात्र और तीसरा स्थान राजस्थान के बकुल गुप्ता को मिला है। इस उपलब्धि पर परिवार और अलवर के सीए समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई। पिता राजेश गुप्ता ने कहा कि बकुल की मेहनत और सादगी ने यह मुकाम दिलाया है। उसने पूरे जिले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।


