कलियुग में संत दर्शन व हरी कथा का बड़ा महत्व
सकट . क्षेत्र के मोतीवाड़ा गांव में कुटी की तलाई डुंगरी बास स्थित भोमिया जी महाराज के स्थान पर ग्रामीणों के सहयोग से क्षेत्र की खुशहाली व सुख समृद्धि की कामना के लिए चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कथा व्यास बनवारी बापू ने कहा कि कलियुग में संत दर्शन व हरि कथा का बड़ा महत्व है। ये दोनों ही कई जन्मों के पुण्य प्रभाव जागृत होने पर प्राप्त होते हैं। जहां संत होते हैं वही सारे तीर्थ निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि अभिमान व अहंकार से मनुष्य को हमेशा दूर रहना चाहिए के दोनों कभी भी मनुष्य के पतन का कारण बन सकते हैं साथ ही उन्होंने कहा कि क्रोध करने से सोचने व समझने की शक्ति नष्ट हो जाती है। ऐसे में हमें हमेशा अपने क्रोध पर काबू रखना चाहिए। कथा के दूसरे दिन मंगलवार को महर्षि मुनि महाराज की कथा का प्रसंग सुनाया। वही कथा के दौरान बीच-बीच में गाए गए भजनों पर महिला श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया वह तालियां बजाकर भगवान के जयकारे लगाए। विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ कार्यक्रम का समापन पूर्णाहुति व भंडारे के साथ 17 नवंबर को होगा। इस मौके पर पद दंगल का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर रामस्वरूप बोहरा, बाबूलाल शर्मा, हरि सिंह गुर्जर, लीलाराम मीणा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
- राजेंद्र मीणा की रिपोर्ट