प्रधान पद से हटाई गईं सीता देवी गुर्जर, 5 साल के लिए चुनाव लड़ने पर भी रोक
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब) राजस्थान सरकार ने पंचायत समिति की प्रधान (निलंबित) सीता देवी गुर्जर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके पद से हटा दिया है तथा आगामी 5 वर्षों तक पंचायती राज चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। यह निर्णय राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 38(1)(ख) एवं 38(3) के तहत लिया गया है।
- आरोप प्रमाणित, कार्रवाई तय
सीता देवी गुर्जर के विरुद्ध प्राप्त शिकायत प्रतिवेदन की जांच मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद अजमेर तथा बाद में अतिरिक्त जिला कलक्टर भीलवाड़ा द्वारा की गई। दोनों जांचों में यह पाया गया कि उन्होंने अपने लगभग 48 माह के कार्यकाल में पंचायत समिति की सिर्फ 06 बैठकें आयोजित की। जबकि कानून अनुसार हर माह कम से कम एक बैठक अनिवार्य है।
साधारण सभा की सिर्फ 04 बैठकें हुईं, जो स्पष्ट रूप से अधिनियम का उल्लंघन है। विभाग द्वारा कई बार नोटिस एवं स्मरण पत्र भेजने के बावजूद उन्होंने स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया। सुनवाई के अवसर भी दिया गया, परंतु वे एक भी बार उपस्थित नहीं हुईं।
- जांच में दोष सिद्ध
अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में यह स्पष्ट कहा गया कि उनके द्वारा कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया गया। आचरण अवचार एवं अपकीर्तिकर पाया गया। शिकायत प्रतिवेदन में दर्ज आरोप पूर्णतः प्रमाणित हैं।
- सरकार का आदेश
इन सभी तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने निर्णय लिया कि सीता देवी गुर्जर को प्रधान पद से तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। अगले 05 वर्षों तक वे किसी भी पंचायती राज संस्था के चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगी। गौरतलब है कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद राज्य सरकार ने प्रधान सीता देवी गुर्जर को पुनः पद भार ग्रहण करने के आदेश जारी किए थे लेकिन राज्य सरकार के आदेश के बाद फिर आज नया आदेश आने से राजनीतिक हलचल फिर तेज़ हो गई।
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