सरिस्का के पारंपरिक मार्ग को खोलने की मांग: सीलीबेरी गेट बंद रहने से समय और पैसे दोनों की हो रही बर्बादी
राजगढ़ (अलवर) अनिल गुप्ता
अलवर जिले के विश्व प्रसिद्ध सरिस्का अभयारण्य क्षेत्र स्थित पांडुपोल हनुमानजी मंदिर जाने वाले पारंपरिक सीलीबेरी गेट के लंबे समय से बंद रहने के कारण हनुमान भक्तों में गहरा रोष व्याप्त है। मार्ग खोले जाने की मांग को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों व श्रद्धालुओं ने बताया कि राज्य सरकार और वन विभाग के निर्देशों के चलते इस मुख्य मार्ग को पूरी तरह से बंद कर रखा गया है। इसके कारण मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास के दर्जनों गांवों के निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
100 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने की मजबूरी: ग्रामीणों का दावा है कि सीलीबेरी गेट से पांडुपोल हनुमानजी मंदिर जाने वाला रास्ता वर्षों पुराना और पारंपरिक मार्ग है। इसके बंद हो जाने से श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने के लिए करीब 100 किलोमीटर का लंबा और अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे आम भक्तों और ग्रामीणों के समय, ईंधन और धन तीनों का भारी नुकसान हो रहा है।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन और वन विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस इतने महत्वपूर्ण रास्ते को बंद रखकर हजारों श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रामीणों व हनुमान भक्तों ने शासन-प्रशासन से जनहित और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए सीलीबेरी गेट को जल्द से जल्द पुनः खोलने की पुरजोर मांग की है।

