नौगांवां में धार्मिक उत्साह: आचार्य ज्ञानभूषण जी के सानिध्य में विधि-विधान से स्थापित हुए चातुर्मास मंगल कलश
आचार्य श्री ज्ञानभूषण जी के पावन सानिध्य में विधि-विधान से स्थापित हुए चातुर्मास मंगल कलश
नौगांवां/अलवर । कस्बे के बस स्टैंड स्थित महावीर भवन में आयोजित 34वें वर्षायोग के पावन अवसर पर सोमवार, 3 अगस्त को आचार्य श्री 108 ज्ञानभूषण जी मुनिराज (ससंघ) के पावन सानिध्य में सभी चातुर्मास मंगल कलशों की विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्थापना की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ नवकार मंत्र के सामूहिक जाप के साथ हुआ। तत्पश्चात आचार्य श्री ने मंत्रोच्चार पूर्वक सभी कलशों में सप्त अनाज, अष्टद्रव्य, पंचरत्न एवं रजत मुद्रा अर्पित कर पुण्यार्जक परिवारों के निमित्त कलशों को अभिमंत्रित कर स्थापित करवाया।
सुख-समृद्धि और धर्म प्रभावना का प्रतीक है मंगल कलश
इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए बताया गया कि चातुर्मास में मंगल कलश की स्थापना साधु-संतों के चार माह के वर्षाकाल प्रवास की निर्विघ्न सफलता, धर्म प्रभावना तथा समाज व घर-परिवार में सुख-समृद्धि लाने की भावना से की जाती है। यह अनुष्ठान समाज को एकता के सूत्र में बांधने और पुण्य उपार्जन का उत्तम माध्यम है।
क्षुल्लिका ज्ञानगंगा माताजी के निर्देशन में संपन्न हुए अनुष्ठान
यह पूरा धार्मिक आयोजन आचार्य श्री की परम प्रभावक शिष्या क्षुल्लिका 105 ज्ञानगंगा माताजी के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सकुशल संपन्न हुआ। इस दौरान जैन समाज के पुरुष, महिलाएं, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और धर्म लाभ उठाया।

