ग्रामीण सेवा शिविर बना लज्जाराम के सपनों का सहारा: वर्षों के इंतजार के बाद मिला आवासीय पट्टा
भरतपुर (03 अगस्त) कोश्लेंद्र दत्तात्रेय
राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे 'ग्रामीण सेवा फॉलोअप शिविर' प्रदेश के दूर-दराज के ग्रामीणों को उनके अधिकार और सरकारी योजनाओं की सौगात गांव में ही उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम साबित हो रहे हैं। ऐसा ही एक सुखद बदलाव भरतपुर की पंचायत समिति उच्चैन की ग्राम पंचायत सैंदपुरा में देखने को मिला, जहां आयोजित फॉलोअप शिविर ने स्थानीय निवासी लज्जाराम पुत्र कोकीराम के जीवन में नई उम्मीद जगाई है।
शिविर के दौरान पंचायती राज विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए लज्जाराम को उनकी आवासीय भूमि का वैध पट्टा (स्वामित्व दस्तावेज) मौके पर ही सौंप दिया गया।
वर्षों पुराना इंतजार हुआ खत्म, अब नहीं रहेगा कोई विवाद: लाभार्थी लज्जाराम ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि वे लंबे समय से अपनी आवासीय भूमि के वैधानिक दस्तावेजों के लिए भटक रहे थे और उनका वर्षों का इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा था। ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी मिलते ही उन्होंने प्रक्रिया के अनुसार आवेदन किया।
मौके पर मौजूद उपखण्ड अधिकारी (SDM) भारती गुप्ता ने लज्जाराम के आवेदन पर संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही कागजी कार्यवाही पूरी कर उन्हें पट्टा प्रदान कर दिया।
पट्टा मिलने से खुलेंगे आर्थिक प्रगति के द्वार: आवासीय पट्टा मिलने से लज्जाराम को अपनी जमीन का मालिकाना हक मिल गया है। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार के भूमि विवाद का खतरा समाप्त हो गया है। इसके अलावा, अब वे इस वैध दस्तावेज के जरिए बैंक से ऋण (लोन) प्राप्त कर सकेंगे और सरकार की अन्य आवास व विकास योजनाओं का सुगमता से लाभ उठा सकेंगे।
सरकार और प्रशासन का जताया आभार: पट्टा हाथ में मिलते ही लज्जाराम का चेहरा खुशी से खिल उठा। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, जिला प्रशासन एवं पंचायती राज विभाग का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा— "यह शिविर हम जैसे गरीब और अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। गांव में ही मौके पर काम होने से सरकार के सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को नई दिशा मिल रही है।"

