दुबई से लौटते ही एयरपोर्ट पर धरा गया 20 करोड़ का 'महाठग': 7 बैंकों को लगाया चूना, जयपुर पुलिस ने दुबई से आते ही दबोचा
जयपुर में 20 करोड़ की ठगी का मास्टरमाइंड दुबई से लौटते ही एयरपोर्ट से गिरफ्तार; पत्नी के साथ मिलकर बनाया था 'फर्जी साम्राज्य'
जयपुर / राजस्थान
जयपुर पुलिस ने करोड़ों रुपए की महाठगी कर विदेश भागने वाले शातिर मास्टरमाइंड को रविवार दोपहर एयरपोर्ट से धर-दबोचा। आरोपी जैसे ही दुबई से भारत लौटा, पहले से मुस्तैद पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। शातिर ठग ने जयपुर के कई कपड़ा व्यापारियों और 7 राष्ट्रीयकृत व निजी बैंकों को करीब 20 करोड़ रुपए का चूना लगाया था।
डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पवन चांडक (30), पुत्र मोतीलाल, मूल रूप से जोधपुर के लालसागर (दिलीप कॉलोनी) का निवासी है। मुहाना थाना पुलिस फिलहाल आरोपी को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है।
???? प्लानिंग ऐसी कि कोई शक न कर सके
पुलिस जांच में सामने आया कि पवन चांडक और उसकी पत्नी ने एक सुनियोजित साजिश के तहत इस ठगी का ताना-बाना बुना था।
- आलीशान ऑफिस और फर्जी फर्में: आरोपियों ने जयपुर में किराए पर एक बेहद आलीशान दफ्तर खोला और कई फर्जी फर्में (Dummy Firms) बनाईं।
- सालभर तक जीता भरोसा: शुरुआती दिनों में व्यापारियों से कपड़ा खरीदकर एक साल तक बिल्कुल समय पर भुगतान किया, ताकि बाजार में विश्वसनीयता बन सके।
- बड़ा हाथ मारा: जब व्यापारियों का अंधविश्वास हासिल हो गया, तो उनसे लगभग 15 से 20 करोड़ रुपए का कपड़ा उधार उठा लिया।
- बैंकों को भी नहीं बख्शा: अपनी इन्हीं फर्जी फर्मों के आधार पर आरोपी ने 7 अलग-अलग बैंकों से भारी-भरकम 'कैश क्रेडिट' (CC) और 'बिजनेस लोन' मंजूर करवा लिए।
✈️ पति दुबई भागा, पत्नी ठिकाने लगाती रही माल
करोड़ों रुपए ऐंठने के बाद पवन चांडक तुरंत दुबई फरार हो गया। वहीं, उसकी पत्नी और अन्य बिजनेस पार्टनर्स ने पीछे से पूरा उधार लिया हुआ कपड़ा बाजार में औने-पौन दामों पर बेचकर पूरी रकम समेट ली।
मुहाना थाने में गत 28 मार्च को एक पीड़ित व्यापारी ने पवन के खिलाफ अकेले 8.30 करोड़ रुपए की कपड़ा ठगी का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद से ही पुलिस की विशेष टीम आरोपी की मूवमेंट पर लगातार तकनीकी निगरानी रख रही थी।
जांच जारी: पुलिस का कहना है कि आरोपी की पत्नी और इस पूरे सिंडिकेट में शामिल अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जल्द ही मामले में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।

