बारां कांग्रेस में जिलाध्यक्ष चयन को लेकर मुस्लिम समुदाय से नेतृत्व दिए जाने की मांग
बारां जिला कांग्रेस कमेटी में लंबे समय से रिक्त पड़े जिलाध्यक्ष पद को लेकर अब संगठन के भीतर मंथन तेज हो गया है। जिलेभर के कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी संगठनात्मक संतुलन, सामाजिक समावेशिता और भविष्य की चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए इस बार मुस्लिम समुदाय से जिलाध्यक्ष बनाए जाने की जोरदार मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी की जड़ें 36 कौमों के सामूहिक सहयोग और विश्वास पर टिकी हैं। ऐसे में जिलाध्यक्ष पद पर ऐसे नेता की नियुक्ति आवश्यक है, जो हर समाज, हर वर्ग और हर कार्यकर्ता में समान रूप से स्वीकार्य हो। कार्यकर्ताओं ने यह भी चिंता जताई कि यदि लगातार एक ही समाज को नेतृत्व सौंपा जाता रहा, तो इससे संगठनात्मक संतुलन प्रभावित हो सकता है, जिसका असर आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।
इस मांग को लेकर जाकिर मंसूरी, अशरफ देशवाली, हाजी अब्दुल गनी, शाहिद कुंडी, शाहिद इकबाल भाटी, नासिर मिर्ज़ा, जाकिर पार्षद ,अखलाक अंसारी, रईस, फैजी, कलाम खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में पार्टी नेतृत्व से आग्रह किया है कि मुस्लिम समुदाय के योगदान को संगठनात्मक नेतृत्व में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुस्लिम समुदाय ने हमेशा कांग्रेस पार्टी की विचारधारा धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और भाईचारे पर भरोसा जताया है। अंता विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं के संगठित और निर्णायक समर्थन की बदौलत कांग्रेस को महत्वपूर्ण बढ़त मिली और जीत सुनिश्चित हुई, जिसे संगठन कभी नजरअंदाज नहीं कर सकता।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मानना है कि अब समय आ गया है कि इस निष्ठा और योगदान को केवल चुनावी मंचों तक सीमित न रखते हुए संगठनात्मक जिम्मेदारियों में भी सम्मान दिया जाए। यदि जिलाध्यक्ष पद पर युवा, ऊर्जावान, जमीनी स्तर से जुड़े और मुस्लिम समुदाय से आने वाले सर्वसमाज में स्वीकार्य नेता को जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो न केवल अल्पसंख्यक समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा, बल्कि संगठन की जमीनी पकड़ भी और मजबूत होगी।
कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि ऐसा निर्णय कांग्रेस पार्टी की सर्वसमावेशी सोच को धरातल पर उतारने का काम करेगा और जिले में पार्टी के परंपरागत वोट बैंक को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। इससे बूथ स्तर से लेकर जिला संगठन तक नई ऊर्जा का संचार होगा और आगामी चुनावों में कांग्रेस एकजुट होकर मजबूती से मैदान में उतर सकेगी।
जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश और जिला नेतृत्व से आग्रह किया है कि संगठन के दीर्घकालिक हित, सामाजिक संतुलन और चुनावी अनुभवों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही जिलाध्यक्ष पद पर सर्वसम्मत और दूरदर्शी निर्णय लिया जाए।


