सीटीएच ड्राफ्ट को लेकर एरिए को लेकर विरोध
राजगढ़ (अलवर/ अनिल गुप्ता) राजगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के ग्राम धीरोडा में सरिस्का क्रिटिकल टाईगर हैबिटेट के प्रस्तावित ड्राफ्ट को लेकर ग्राम पंचायत सभागार में सभा आयोजित हुई। रामदयाल गुर्जर ने आरोप लगाते हुए बताया कि के नए प्रस्तावित ड्राफ्ट मे मल्लाना, तिलवाड़ी, खोह दरीबा, बलदेवगढ़ आदि मार्बल खनिज खनन एरिया को शामिल नहीं करके गोलाकाबास के राजस्व ग्राम भानगढ़, ग्राम पंचायत धीरोड़ा क्षेत्र को शामिल किया गया है। जिसके चलते गोलाकाबास, धीरोड़ा ग्राम पंचायत व पावटा के ग्रामीणों ने अपनी-अपनी ग्राम पंचायत मे आयोजित ग्राम सभा मे सीटीएच मे शामिल नहीं करने के लिए आपत्ति दर्ज करवाई है।
ग्रामीण रमेश ने बताया कि ग्राम पंचायत गोलाकाबास, धीरोड़ा व बलदेवगढ़ मे सैकड़ों ग्रामीण व स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने भाग लिया ओर राजस्व ग्राम भानगढ़ के वन क्षेत्र को सीटीएच मे शामिल किये जाने पर ग्रामीणों ने ग्रामसभा मे मौखिक व लिखित आपत्ति पत्र देकर क्षेत्र मे प्राचीन ऐतिहासिक व देश विदेश मे भूतिया शहर खंडहर भानगढ़ के नाम से विख्यात है यंहा देश विदेश के पर्यटक घूमने आते है वंही भानगढ़ मे कई धार्मिक स्थल भी है जंहा स्थानीय ग्रामीणों के अलावा दूर दराज दौसा जयपुर जिलों के गांवो से श्रद्धालु प्रत्येक वार को अपने आस्था स्थलों पर प्रसाद चढ़ाने, जात जडूले उतारने, सवामनी, पद यात्रा आदि लेकर आते रहते है तथा सरसा देवी मंदिर, नारायणी धाम सहित अन्य धार्मिक स्थल व आस्था के केंद्र है जंहा मानवीय गतिविधि नियमित बनी रहती है जिसके चलते बाघ विचरण के लिए स्वतंत्र क्षेत्र नहीं है।
सीटीएच क्षेत्र के नए ड्राफ्ट निर्धारण मे बाघ परियोजना के समीप के क्षेत्र जो कि घने व सघन वन से अच्छादित है को नजर अंदाज करके 28 किलोमीटर दूर के क्षेत्र को शामिल किया गया है जो मुनासिब नहीं है क्योंकि उन क्षेत्रों मे मार्बल खनिज खनन एरिया आता है। ग्राम सभा मे ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी को व्यक्तिगत खातेदारी कृषि भूमि एवं सामूहिक क्षेत्र की आपत्ति का प्रार्थना पत्र भी सौंपा तथा गोलाकाबास पंचायत, धीरोड़ा पंचायत क्षेत्र से सीटीएच हटाओ आदि नारे लगाकर विरोध प्रकट करते हुए वनविभाग, जिला प्रशासन एवं सरकार से सीटीएच के नए प्रस्तावित ड्राफ्ट पर पुनर्विचार करके बाघ विचरण के लिए उपयुक्त वन क्षेत्र का पुनः निर्धारण करने की मांग की है।
ग्रामसभा मे पंचायत क्षेत्र के सैंकड़ो से अधिक ग्रामीण ग्रामसभा मे उपस्थित होकर सिटीएच से पशुधन व कृषि व्यवसाय मे होने वाले नुकसान, वन क्षेत्र के समीप बसी छितराई हुई ढाणीयां, वन क्षेत्र मे होकर आवजाही के प्रमुख रास्तों आदि प्रतिबंधित होने से ग्रामीणों को होने वाले सभी प्रकार के नुकसान आदि के सुझाव व आपत्ति दर्ज करवाई है तथा निजी कृषि भूमि के खातेदारों ने भी आपत्ति दी है।

