श्रद्धा भाव से मनाया मकरसंक्रांति पर्व, लोगों ने खूब किया दान पुण्य; बच्चों ने खेले कंचे
वैर (भरतपुर / कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) कस्वा एवं ग्रामीण अंचल में मकर संक्रांति पर्व को लेकर काफी उत्साह नजर आया ।लोगों ने सुबह से ही भट्टीयों को जला कर कढ़ाई शुरू कर दी। जिनमें लोग बेसन की पकौड़ी दाल की पकौड़ी जलेबी कचोरी चावल के पोहे पूड़ी सब्जी चाय बिस्कुट आदि वितरण करने लगे हुए थे ।वही गरीब तबके के लोग सुबह से ही लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए दान लेते नजर आए। अल सुबह होते ही लोग स्नान से निवृत्त होकर मंन्दिरो में पूजा अर्चना करते हुए नजर आए। पुराने समय के खेलों में से एक खेल कांच की गोलियां अपने आप में खास खेल रहा था।चहूं ओर बच्चे एवं युवा कांच की गोलियों से खेलते नजर आते थे। विशेषकर मकर संक्रांति के पर्व यानि कि जनवरी माह के प्रारंभ में। मकर संक्रांति के पर्व पर सुबह से ही बच्चों एवं युवाओं को नेकर एवं पेन्ट की जेबों में कांच की गोलियां भर कर गोलियां खेलते हुए देखा गया।
बच्चों ने पूर्व समय की यादों को जीवन्त करते हुए दिनभर कांच की गोलियों का खेल मस्ती पूर्वक खेल कर मकर संक्रांति का पर्व मनाया।मौनू सैनी ने बताया कि सुबह करीब 7.00 बजे से ही बच्चों ने स्नान करने के बाद एक -एक बच्चा कांच की गोलियां खेलने के लिए एकत्रित होने लगे एवं कांच की गोलियों का खेल आरम्भ कर दिया। खेल के सामने बच्चों को खाना खाने का ध्यान भी नहीं रहा। और न ही सर्दी से राहत देने वाले ऊनी कपड़े पहने। बच्चों को सिर्फ और सिर्फ कांच की गोलियों का खेल नजर आ रहा था।बच्चों के परिजन बच्चों को इधर उधर देखने के लिए दौड़ते नजर आए।सायं करीब 6.00 बजे तक मस्ती के साथ बच्चों ने कांच की गोलियों के साथ खेल खेला। बच्चों ने कांच की करीब 500-500 गोलियों को जीतकर एकत्रित कर लिया। बच्चों से पूछने पर ज्ञात हुआ कि जीती हुई कांच की गोलियों को बोतलों में भरकर धरती में गड्ढा खोदने के बाद उसमें रख दिया जाएगा और अगले वर्ष मकर संक्रांति पर कांच की गोलियों को निकालकर खेल खेला जाएगा।