पीसीपीएनडीटी अधिनियम पर कार्यशाला आयोजित, नियमों की दी जानकारी
सिरोही (रमेश सुथार) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) जयपुर के निर्देशानुसार बुधवार को स्वास्थ्य भवन सिरोही में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी अधिनियम पर कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाने के लिए संचालित मुखबीर योजना की जानकारी दी गई तथा शिकायत दर्ज कराने के लिए विभाग द्वारा जारी व्हाट्सएप नंबर 9799997795 के बारे में भी अवगत कराया गया। जिले में संचालित पंजीकृत सोनोग्राफी केंद्रों के संचालकों और चिकित्सकों को अधिनियम के तहत पालन किए जाने वाले नियमों एवं रिकॉर्ड संधारण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक अंकिता राजपुरोहित ने बताया कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना से शिशु लिंगानुपात में कमी को रोकने में मदद मिलती है और महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े कई मुद्दों का समाधान होता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश की प्रत्येक बेटी को जन्म से 21 वर्ष की आयु तक सात किस्तों में कुल डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना 1 अगस्त 2024 के बाद जन्मी बालिकाओं पर लागू है, जिसका उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके विकास में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।
कार्यशाला में डीपीसी पीसीपीएनडीटी देवकिशन छंगाणी, डीपीएम नरेश कुमार टेलर, डॉ. संजय नवल (मा योजना), सुरेश कुमार वरिष्ठ सहायक, प्रेमाराम (डीईओ पीसीपीएनडीटी सेल) सहित अन्य प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने उपस्थित सभी को बेटी बचाओ से संबंधित शपथ दिलाकर कार्यक्रम का समापन किया।