पंच गौरव प्रदर्शनी का उद्देश्य ,जिले के दस्तकारों और उत्पादन कर्ताओं को उपयुक्त प्लेटफार्म उपलब्ध कराना - बेढम
डीग (नीरज जैन) राजस्थान सरकार के गृह, गौपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, उत्पादन क्षमता और लोक प्रतिभाओं को एक मंच देने के उद्देश्य से राजस्थान दिवस को इस वर्ष नए संवत्सर के साथ उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप पहली बार प्रदेश में राजस्थान स्थापना दिवस को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से जोड़कर पांच दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और विकास को एक साथ प्रदर्शित किया जा सके।
गृह राज्य मंत्री बेढम रविवार को डीग के नेहरू पार्क में आयोजित पांच दिवसीय पंच गौरव महोत्सव एवं एक जिला एक उत्पाद (ODOP) प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य जिले के दस्तकारों, कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को एक मंच देना है ताकि उनके उत्पादों को पहचान मिल सके और उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे 19 मार्च तक आयोजित इस महोत्सव में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करें।
इससे पूर्व गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इसके बाद राज्य मंत्री ने पर्यटन, वन, उद्योग, खेल, कृषि तथा राजीविका सहित विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया। पर्यटन विभाग को सेवल मंदिर, आदिबद्रीनाथ, केदारनाथ और वनविहारी मंदिर जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। खेल विभाग के स्टॉल पर उन्होंने पहलवानों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और टी-शर्ट वितरित की।
कृषि विभाग के स्टॉल पर उन्होंने सरसों में अधिक तेल उत्पादन की जानकारी लेते हुए प्रगतिशील किसान हुक्म सिंह सैंत की सराहना की और ऐसे किसानों को सेमिनारों में बुलाकर अन्य कृषकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। ओडीओपी के तहत मार्बल मूर्ति निर्माण स्टॉल पर कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मास्क का उपयोग करने की सलाह दी। वहीं वन विभाग के स्टॉल पर जिले की प्रमुख वनस्पति अर्जुन के औषधीय महत्व की जानकारी ली।
विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पंच गौरव महोत्सव और ओडीओपी प्रदर्शनी जिले की प्रतिभा, परंपरा और उत्पादन क्षमता को सामने लाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इससे स्थानीय कारीगरों, किसानों और स्वयं सहायता समूहों को नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने विशेष रूप से राजीविका से जुड़ी महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
प्रदर्शनी में बदनगढ़, जनूथर, सीकरी, अंबेडकर चौक कामां और पीपलखेड़ा की महिलाओं ने अपनी स्वावलंबन की कहानी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने ऋण लेकर व्यवसाय शुरू किया और कई महिलाएं अब लखपति दीदी बन चुकी हैं। विधायक ने महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित आभूषण, परिधान और ऑर्गेनिक सेनेटरी पैड की सराहना की।
इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री और विधायक ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया तथा सेल्फी पॉइंट पर युवाओं के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। कार्यक्रम में जिला कलक्टर उत्सव कौशल, अतिरिक्त जिला कलक्टर राजकुमार कस्वां, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक दिलखुश मीना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।