करंट का कहर: लापरवाही के तारों में उलझी गौमाता की मौत, तेजसिंह सर्कल में फूटा जनाक्रोश
भीलवाड़ा (बृजेश शर्मा) शनिवार सुबह शहर के तेजसिंह सर्कल क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। सच्चियाय माता मंदिर के सामने एक बेबस गौमाता खुले बिजली तारों के करंट की चपेट में आ गई और तड़पते हुए उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही बिजली विभाग की लापरवाही का परिणाम माना जा रहा है।
सुबह करीब 7 बजे अचानक फैले करंट ने एक निर्दोष जान को लील लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से खुले और जर्जर बिजली तार खतरा बने हुए हैं, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
घटना की सूचना मिलते ही श्री कृष्ण गौसेवा उपचार केंद्र, हरनी महादेव से जुड़े गौसेवक किशन कीर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और गौमाता दम तोड़ चुकी थी। पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में करवाए गए पोस्टमार्टम में मौत का कारण बिजली का करंट ही सामने आया, जिसने पूरे मामले में लापरवाही की पुष्टि कर दी।
मृत गाय के मालिक बड़ी हरणी निवासी धर्मराज जाट ने कोतवाली थाने में बिजली विभाग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वहीं घटना के बाद मौके पर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। किशन कीर, धर्मराज जाट, राहुल जाट, गोविंद साहू, दिनेश जाट और मुकेश जाट सहित बड़ी संख्या में लोगों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। खुले तार और बदहाल बिजली व्यवस्था लंबे समय से हादसों को न्योता दे रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग लगातार अनदेखी कर रहा है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और बिजली व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में यह करंट किसी इंसान की जान भी ले सकता है।
यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ गई है—क्या हर बार एक बेगुनाह की जान जाने के बाद ही प्रशासन जागेगा, या अब भी समय रहते व्यवस्था को सुधारा जाएगा?