प्रशासक पद खाली: एक माह बाद भी नियुक्ति नहीं, जनता में भारी रोष; प्रशासनिक उदासीनता से ग्रामीण परेशान, न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं
सिरोही (रमेश सुथार )- ग्राम पंचायत पोसालिया में प्रशासक पद को लेकर असमंजस की स्थिति गहराती जा रही है। एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो पूर्व प्रशासक को कार्यभार सौंपा गया है और न ही किसी अन्य की नियुक्ति की गई है, जिससे ग्रामीणों में शासन और प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है।जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पोसालिया की प्रशासक श्रीमती रेखा कुंवर मान सिंह राव को 19 फरवरी 2026 को अतिरिक्त आयुक्त एवं शासन उप सचिव द्वारा व्यावसायिक भवन के पट्टे में अनियमितता के आरोप में पदमुक्त कर दिया गया था।
यह कार्रवाई जिला परिषद सिरोही की रिपोर्ट के आधार पर की गई थी।समाजसेवी भानु प्रताप सिंह राव ने बताया कि इससे पूर्व भी इसी प्रकार के आरोपों में उन्हें सरपंच पद से हटाया गया था, लेकिन न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बाद उन्हें पुनः पदभार ग्रहण करने की अनुमति दी गई थी। इस बार भी न्यायालय ने स्थगन आदेश प्रदान किया, जिसके बाद उन्होंने पुनः कार्यभार संभाल लिया, कार्य भार संभाला तब दर्जनों ग्रामीण साथ थे।
इससे विरोध तिलमिला गये तथा राजनैतिक अड़चनें डाल कर प्रशासन व शासन से होने वाला आदेश रूकवा दिया।आद दिन तक प्रशासन द्वारा स्थिति को स्पष्ट न करने से कार्य सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रहे है।ग्रामीणों का कहना है कि राजनीतिक दबाव के चलते न तो रेखा कुंवर राव को पूर्ण रूप से कार्य करने दिया जा रहा है और न ही किसी अन्य प्रशासक की नियुक्ति की जा रही है। इससे पंचायत के विकास कार्य ठप पड़े हैं और आमजन को आवश्यक सेवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।समाजसेवी मान सिंह राव ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में दो बार जिला कलेक्टर से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, लेकिन हर बार “मार्गदर्शन मांगने” का आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि जनता के भारी बहुमत से चुनी गई प्रतिनिधि के साथ न्याय नहीं हो रहा है। यदि प्रशासन किसी अन्य को नियुक्त करता है, तो यह न्यायालय के आदेश की अवमानना हो सकती है, जिसके चलते कानूनी विवाद और बढ़ने की संभावना है।समाजसेवी भानु प्रताप सिंह राव ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिनों के भीतर इस प्रकरण का समाधान नहीं किया गया, तो वे ग्रामीणों के साथ भजन लाल शर्मा एवं राज्यपाल से मुलाकात कर न्याय की मांग करेंगे।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासक पद पर तत्काल स्पष्ट निर्णय लिया जाए,पंचायत कार्यों को सुचारू रूप से शुरू कराया जाए,न्यायालय के आदेशों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।राव ने बताया कि प्रशासन इस बढ़ते जनाक्रोश को कितनी गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करता है।इसका ग्राम वासियों को बेसब्री से इंतजार है।