पूर्व सरकारी मुख्य सचेतक की पुण्यतिथि पर किए श्रद्धा सुमन अर्पित
महुवा (अवधेश अवस्थी ) महुवा उपखंड क्षेत्र के खेड़ला बुजुर्ग कस्बे में सोमवार को पूर्व सरकारी मुख्य सचेतक स्वर्गीय हरि सिंह महुवा की पुण्यतिथि के अवसर पर सैकड़ो लोगों ने सद्भावना पार्क में पहुंचकर उनकी मूर्ति के सामने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मनोहरी देवी, पुत्र पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह, संजय सिंह, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ दिनेश बैंसला, रामराज महुवा, रामराज भोपुर, लौकी पावटा, सहित सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद थे। सोमवार को मौसम खराब होने पर भी सुबह से ही पूर्व मुख्य सचेतक हरि सिंह जी महुआ को श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों का तांता लगा रहा। करीब 6 वर्ष पूर्व उनकी मूर्ति अनावरण के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गांव खेडला में तीन सौगात दी जिनमें कृषि महाविद्यालय, उप तहसील एवं खेल स्टेडियम शामिल है।
सामाजिक समरसता के प्रतीक थे महुवा
स्वर्गीय हरि सिंह महुवा सामाजिक समरसता के प्रतीक माने जाते थे। क्षेत्र में उनको राजनीति के सुचेता और गुर्जर गांधी के रूप में जाना जाता था। सामाजिक पंचायत या आपसी विवाद, अपनी सूझबूझ से वे उसे आसानी से सुलझा देते थे। किसी भी मामले को पुलिस थाने तक नहीं पहुंचने देते थे। अपने राजनीतिक कार्यकाल में उन्होंने कभी भी जातिवाद की राजनीति नहीं की। उनके भाषणों के आधार पर उन्हें श्रेष्ठ वक्ता के रूप में भी पहचाना जाता था। लेकिन 2016 की होली क्षेत्र के लोगों के लिए अभिशाप के रूप में आई और इसी दिन हरि सिंह जी महुवा ब्रेन हेमरेज से उपचार के दौरान काल के ग्रास बन गए। हरि सिंह महुवा लगातार चार बार विधायक चुने गए एक बार उप जिला प्रमुख और एक बार प्रधान के पद पर भी आसींद रह चुके थे। जब पहली बार वे सरकारी मुख्य सचेतक बनकर लाल बत्ती की गाड़ी में बैठकर क्षेत्र में आए तो क्षेत्र में इतनी खुशी मनाई गई की दीपावली जैसा माहौल बन गया। आज उनकी यादगार कार्यकाल की स्मृतियां ही शेष रह गई है