बृज नगर का श्रीराम रथ यात्रा मेला सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम है- बेढ़म
डीग (नीरज जैन) राजस्थान सरकार के गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी तथा मत्स्य विभाग के राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने मंगलवार को डीग जिले के बृजनगर में नगर पालिका के तत्वावधान में आयोजित श्री राम रथ यात्रा मेले का विधिवत फीता काटकर और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उद्घाटन किया।
इस अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि श्री राम रथ यात्रा के इस पावन मेले का उद्घाटन कर उन्हें अंचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अगाध धार्मिक आस्था से जुड़ने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, अपितु हमारी गौरवशाली सनातन परंपराओं, उच्च जीवन मूल्यों और संस्कारों के जीवंत प्रतीक हैं। गृह राज्य मंत्री बेढम ने स्पष्ट किया कि मेले समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में पिरोने, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने तथा आपसी प्रेम व अखंड भाईचारे को सुदृढ़ करने का सबसे सशक्त और प्रभावी माध्यम हैं। धार्मिक उल्लास के साथ-साथ राष्ट्रप्रेम की भावना को सर्वोपरि रखते हुए, इस पुनीत अवसर पर बेढ़म द्वारा बृजनगर में 100 फीट ऊंचे विशाल पोल पर देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। आसमान में शान से लहराते तिरंगे को नमन करते हुए मंत्री बेढ़म ने कहा कि यह गगनचुंबी ध्वज यहाँ उपस्थित प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी के हृदय में देशभक्ति, मातृभूमि के प्रति असीम सम्मान और राष्ट्र गौरव की भावना को और अधिक प्रबल करेगा।
नगरपालिका बृजनगर के इस सराहनीय प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए गृह राज्य मंत्री बेढम ने बताया कि यह भव्य मेला दिनांक 24 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 28 मार्च 2026 तक अनवरत रूप से चलेगा। राज्य सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों के अनुरूप, इन पांच दिनों में केवल धार्मिक और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का ही आयोजन नहीं होगा, बल्कि आमजन को लाभान्वित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। इन आयोजनों के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी विकास और उल्लास की मुख्यधारा से जोड़ने का एक सुनियोजित और रचनात्मक प्रयास किया जाएगा। समारोह के अंत में गृह राज्य मंत्री बेढम ने क्षेत्रवासियों से आह्वान किया कि वे पूर्ण उत्साह, अनुशासन और शांतिपूर्ण तरीके से अधिकाधिक संख्या में इस मेले में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और अपनी सांस्कृतिक धरोहर का यह महापर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं।