अलवर में संविदा प्लेसमेंट कार्मिकों की आक्रोश रैली: पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर वेतन वृद्धि और बोनस अंकों के लिए सड़क पर उतरे कर्मचारी, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
अलवर (राजस्थान) बढ़ती महंगाई के बीच अपने हकों की आवाज़ बुलंद करते हुए आज "संविदा प्लेसमेंट संघर्ष समिति राजस्थान" के बैनर तले जिले भर के प्लेसमेंट और दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों ने एक विशाल रैली का आयोजन किया। यह आक्रोश रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए 'शहीद स्मारक' पहुंची, जहां कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया और माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर अलवर को ज्ञापन सौंपा।
पड़ोसी राज्यों से की गई तुलना, बताया अपना दर्द शहीद स्मारक एवं IMA हॉल में सभा को संबोधित करते हुए संविदा संघर्ष प्लेसमेंट समिति के प्रदेशाध्यक्ष यश जोशी ने बताया कि राजस्थान के विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी विभागों में प्लेसमेंट एजेंसियों के मार्फत काम करने वाले कर्मचारियों का भारी आर्थिक शोषण हो रहा है। वर्तमान में उन्हें जो न्यूनतम मजदूरी दी जा रही है, वह परिवार के भरण-पोषण के लिए बिल्कुल नाकाफी है.
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप सिंह राठौड़ कार्मिकों ने बताया की आगामी भर्ती मेरिट+बोनस से कि जाएं साथ ही हमारे पड़ोसी राज्यों जैसे- हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी और VDA (परिवर्तनशील महंगाई भत्ता) की दरें राजस्थान की तुलना में काफी अधिक हैं। जब देश और महंगाई दर एक है, तो राजस्थान के श्रमिकों के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है?
राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
रैली के पश्चात, प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचकर देश के महामहिम राष्ट्रपति और राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्न मांगें रखी गईं:
1. न्यूनतम मजदूरी दर सम्मानजनक बढ़ोतरी कि जाएं ।
2. प्रत्येक कर्मचारी को समान काम समान वेतन मिले ।
3. राजकीय संस्था (RMLCL/ RLSDC) गठन जल्द कर सभी ठेका प्लेसमेंट संविदा कर्मचारियों को शामिल करें ।
4. आगामी सरकारी भर्ती में प्लेसमेंट ठेका एजेंसी कर्मचारियों को मेरिट एवं बोनस भर्ती किया जाएं ।
5. कई सालों से लगातार कार्यरत प्लेसमेंट संविदा ठेका कर्मचारियों को नियमित किया जाए ।
महामंत्री ऋतिक रोशन ने बताया कि सरकार ने यदि हमारी मांग नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कार्मिकों ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार ने उनकी इस न्यायोचित और गंभीर मांग पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाया, सचिव सुनील चौधरी ने कहा कि प्रदेश भर के अल्पवेतनभोगी कर्मचारी अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करने को मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस रैली में जिले भर से भारी संख्या में संविदा और प्लेसमेंट कर्मचारियों ने भाग लिया। इसमें अलवर जिला के सभी विभागों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया ।