खैरथल जिला बचाओ संघर्ष समिति के धरने को कांग्रेस नेताओं का समर्थन
खैरथल (हीरालाल भूरानी) कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह तथा राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली कांग्रेस जिला अध्यक्ष बलराम यादव अलवर कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत कोटपूतली बहरोड़ कांग्रेस जिला अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर ने आज खैरथल जिला बचाओ संघर्ष समिति द्वारा चल रहे धरने में पहुंचकर अपना समर्थन दिया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और जिले की उपेक्षा का आरोप लगाया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार लोगों को असली मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर खैरथल-तिजारा जिले में एक भी बड़ा विकास कार्य नहीं कराया गया है। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भाजपा सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जो विकास कार्य हुए, उन्हीं के सहारे क्षेत्र चल रहा है, जबकि भाजपा सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किया।
टीकाराम जूली ने यह भी आरोप लगाया कि खैरथल जिले का नाम बदलने की राजनीति से केवल भू-माफियाओं को फायदा पहुंच रहा है और आम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, संघर्ष समिति के सदस्य और स्थानीय लोग मौजूद रहे। नेताओं ने संघर्ष समिति की मांगों को जायज बताते हुए आंदोलन को समर्थन देने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद दोनों नेता पूर्व सांसद राम सिंह यादव की पत्नी के निधन पर उनके निवास पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की और श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्पश्चात ग्राम मोठूका में आयोजित दयाराम साहिब के मेले में पहुंचकर भंवर जितेंद्र सिंह और टीकाराम जूली ने माथा टेककर आशीर्वाद लिया तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
इस दौरान पूर्व मंत्री शकुंतला रावत विधायक ललित यादव विधायक दीपचंद खेरिया खैरथल प्रभारी पुष्पेंद्र धाबाई बहरोड प्रत्याशी संजय यादव तिजारा प्रत्याशी इमरान खान प्रधान बीपी सुमन महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष विनोद कुमारी सांगवान ओमप्रकाश रोघा यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष पवन खटाना नेता प्रतिपक्ष विक्की चौधरी फतेह मोहम्मद सर्वेस डाटा संजय गुर्जर रामनिवास प्रजापत अर्जुन ठाकुर शकील अहमद हेतराम सरपंच सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।


