पंचकल्याणक महोत्सव का हुआ मेहंदी और हल्दी की रस्म के साथ शुभारंभ
लक्ष्मणगढ (अलवर/कमलेश जैन) धर्म नगरी लक्ष्मणगढ़ में पंचकल्याणक महोत्सव आचार्य मुनि श्री ज्ञान भूषण जी (रत्नाकर) की प्रेरणा से आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव की शुरुआत आज रविवार को भगवान के माता-पिता मुख्य इंद्र सामान्य इंद्र एवं अन्य मांगलिक पात्रों को समाज की महिलाओं ने पारंपरिक भजन एवं गीतों के साथ मुनि श्री का आशीर्वाद लेकर पूर्ण उल्लास से मेहंदी एवं हल्दी की रस्म निभाई गई।
कार्यक्रम समिति के पदाधिकारी सदस्यों ने बताया कि पंचकल्याणक महोत्सव में मेहंदी का आयोजन मांगलिक और पारंपरिक कार्यक्रम है। यह महोत्सव मुख्य पात्रों माता पिता इंद्राणी एवं अन्य पात्रों के हाथों को शगुन के रूप में रचा जाता है ।उत्सव के दौरान होने वाली भाव पूजा और शोभा यात्रा का एक अहम हिस्सा है ।
क्या है पंचकल्याणक.. ...
पांच दिवसीय पंचकल्याण के तीर्थंकर परमात्मा के गर्भ से आने से लेकर मोक्ष कल्याण तक जीवन को पांच हिस्सों में विभाजित किया जाता है। जिसमें गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान, मोक्ष, कल्याणक होते हैं। इसमें देवों की ओर से सौधर्म इंद्र की आज्ञा से तीर्थंकर बालक के गर्भ में आने से लेकर मोक्ष तक की सभी धार्मिक क्रियाओं को पूर्ण उल्लास से मनाया जाता है।
आयोजन दिव्य ध्वनि के माध्यम से धर्म का उपदेश होता है।
पंचकल्याणक महोत्सव 22 जनवरी सोमवार को प्रातः 6:00 बजे देव आज्ञा गुरु आज्ञा आचार्य निमंत्रण 6:30 बजे घट यात्रा शुभारंभ जैन मंदिर से 7:00 बजे जिन मंदिर की शुद्धि शिखर शुद्धि 7:30 अयोध्या नगरी के लिए घट यात्रा का प्रस्थान होगा।
9:00 अयोध्या नगरी का ध्वजारोहण 9:15 बजे मंत्र उद्घाटन मंडप उद्घाटन 9:30 बजे मंडप सिद्धि मंडप प्रतिष्ठा विधि शुद्ध वेदी प्रतिष्ठा 10:00 बजे आचार्य श्री का मंगल आशीर्वाद दोपहर 1:00 बजे याग मंडल विधान शाम 4:00 बजे माता की गोद भराई 5:00 बजे सीमतिनी क्रिया 7:00 बजे मंगल आरती का आयोजन किया जाएगा।


