जीण माता राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ग्रामीण सेवा शिविर में मिला आजीविका विस्तार का अवसर
6 लाख रुपए के पुनः ऋण प्रस्ताव से मजबूत होगी महिलाओं की आर्थिक स्थिति, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
कोटपूतली-बहरोड़, (भारत कुमार शर्मा) राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर आमजन को सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बन रहे हैं। ग्राम पंचायत चतरपुरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में जीण माता राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सफलता की कहानी सामने आई, जहां समूह की मेहनत, अनुशासन एवं वित्तीय प्रबंधन ने उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाया है।
ग्राम पंचायत चतरपुरा के अंतर्गत ग्राम बास नरबद में संचालित जीण माता राजीविका स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का प्रेरणादायक उदाहरण है। समूह की महिलाओं ने नियमित बचत, आपसी सहयोग एवं वित्तीय अनुशासन के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया है।
समूह को पूर्व में राजीविका के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाया गया था, जिसका उपयोग सदस्यों द्वारा पशुपालन, लघु व्यवसाय, कृषि कार्य एवं अन्य आजीविका गतिविधियों में किया गया। महिलाओं ने मेहनत एवं लगन से कार्य करते हुए प्राप्त ऋण का समय पर पूर्ण भुगतान कर समूह की साख एवं विश्वसनीयता को मजबूत किया।
ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान समूह की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली एवं ऋण चुकौती क्षमता को देखते हुए आजीविका गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा देने के उद्देश्य से 6 लाख रुपए के पुनः ऋण प्रस्ताव को तैयार कर आरजीबी बैंक को प्रेषित किया गया। प्रस्ताव स्वीकृत होने के पश्चात समूह की महिलाएं अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकेंगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी तथा परिवारों का आर्थिक एवं सामाजिक विकास सुनिश्चित होगा।
ग्रामीण सेवा शिविर में उपखण्ड अधिकारी दिनेश कुमार, तहसीलदार अनिल कुमार, सहायक विकास अधिकारी गिरिराज मीणा, जनप्रतिनिधि सत्येंद्र, केशन्ता देवी, मनीता डेटा एंट्री ऑपरेटर एवं उर्मिला देवी, बैंक सखी एवं सतीश स्वामी एआरपी उपस्थित रहे।
जीण माता राजीविका स्वयं सहायता समूह की यह सफलता यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं, राजीविका मिशन एवं ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का लाभ लेकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। समूह की महिलाएं अब क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।


