ललावडी में अवैध ब्लास्टिंग का कहर: घरों पर बरसे 10-10 किलो के पत्थर, बाल-बाल बचे ग्रामीण; लीज धारक के खिलाफ थाने पहुंचे आक्रोशित लोग
रामगढ़ (अलवर) क्षेत्र के ललावडी गांव में धड़ल्ले से हो रही अवैध ब्लास्टिंग ग्रामीणों के लिए काल साबित हो रही है। सोमवार की शाम करीब 4 बजे पहाड़ी में की गई तेज ब्लास्टिंग के बाद गांव में हड़कंप मच गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि करीब 10-10 किलो वजनी पत्थर उड़कर ग्रामीणों के मकानों पर आ गिरे। गनीमत यह रही कि उस वक्त लोग घरों के भीतर थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और ग्रामीण बाल-बाल बच गए।
इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने लीज धारक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन उपखंड अधिकारी व तहसीलदार की अनुपस्थिति के कारण वे रामगढ़ थाना पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपकर पूरी घटना से अवगत कराया।
- रोज का बना डर, पशु और इंसान हो रहे घायल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लीज धारक कुलदीप कालरा द्वारा नियमों को ताक पर रखकर लगातार अवैध और भारी ब्लास्टिंग की जा रही है। इसके चलते प्रतिदिन पत्थरों के टुकड़े उड़कर आबादी क्षेत्र और मकानों तक आ रहे हैं। इस जानलेवा लापरवाही के कारण पूर्व में भी कई बार आमजन और मवेशी गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। सोमवार शाम को भी यही मंजर दोहराया गया, लेकिन खुशकिस्मती रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
- कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि वे इस अवैध खेल और आए दिन मंडराते मौत के साए में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आबादी क्षेत्र के पास हो रही इस अवैध ब्लास्टिंग को तुरंत रुकवाया जाए और आरोपी लीज धारक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिकायत दर्ज कराने और विरोध प्रदर्शन करने वालों में धर्मेंद्र यादव, जयपाल, सुखबीर सिंह, परमजीत कौर, जसपाल सिंह, रविंद्र, सिमरनजीत कौर, समीर और प्रभजोत सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इस मामले में ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।


