ई-रजिस्ट्री के विरोध में चौरीचौरा बार एसोसिएशन का बिगुल, दो दिन की हड़ताल का ऐलान
चौरी चौरा, (गोरखपुर /शशि जायसवाल) उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा 24 जून से प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में तहसील बार एसोसिएशन चौरी चौरा ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। अधिवक्ताओं ने इस व्यवस्था को जनविरोधी बताते हुए दो दिन के न्यायिक कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। सोमवार को तहसील सभागार में बार एसोसिएशन की आपात साधारण सभा अध्यक्ष अजीत कुमार एडवोकेट की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया और ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
अधिवक्ताओं ने जताई रोजगार पर संकट की आशंका
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से तहसील परिसर में वर्षों से कार्यरत फोटो कॉपी संचालकों, टाइपिस्टों, स्टाम्प वेंडरों, दस्तावेज लेखकों, मुंशियों और जूनियर अधिवक्ताओं के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अधिवक्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था से ग्रामीण और कम शिक्षित लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत कुमार एडवोकेट ने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले उससे प्रभावित पक्षों से व्यापक संवाद किया जाना चाहिए, ताकि आम जनता और संबंधित पेशे से जुड़े लोगों के हित सुरक्षित रह सकें।
तहसील परिसर में प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। इसके पश्चात अध्यक्ष अजीत कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार सत्य प्रकाश गुप्ता को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को लागू करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने तथा अधिवक्ताओं एवं अन्य संबंधित वर्गों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
बार एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
- ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने के आदेश पर पुनर्विचार किया जाए।
- वर्तमान रजिस्ट्री व्यवस्था में आवश्यक सुधार कर उसे अधिक पारदर्शी बनाया जाए।
- नई नीति लागू करने से पहले बार काउंसिल, अधिवक्ताओं और संबंधित हितधारकों से व्यापक चर्चा की जाए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने प्रदेश स्तर पर भी इस मुद्दे को उठाने की बात कही है। बैठक और प्रदर्शन में बार एसोसिएशन की पूरी कार्यकारिणी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे और आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की।


