भक्ति और आस्था का अनूठा संगम: प्राचीन नीलकंठ महादेव का हुआ सहस्त्रधारा अभिषेक, आशावरी माता के भी किए दर्शन
राजगढ़ (अलवर) | अनिल गुप्ता
अलवर जिले के ऐतिहासिक सरिस्का अभयारण्य क्षेत्र स्थित राजोरगढ़ ग्राम पंचायत में बने प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर में मंगलवार को भक्ति, आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर में विशेष सहस्त्रधारा अभिषेक के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
दिनभर गूंजते रहे बाबा नीलकंठ के जयकारे सहस्त्रधारा अभिषेक के दौरान पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'जय नीलकंठ बाबा' के उद्घोष से शिवमय हो उठा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बाबा नीलकंठ महादेव के दर्शन कर ढोक लगाई तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की मनौती मांगी। जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर भंडारे का प्रसादी ग्रहण किया।
विभिन्न राज्यों से पहुंचे कांवड़िये समारोह के दौरान बिहार की राजधानी पटना, दिल्ली, जयपुर और अलवर सहित कई दूर-दराज के इलाकों से कांवड़िये पवित्र जल लेकर मंदिर पहुंचे। कांवड़ियों ने कतारबद्ध होकर बाबा नीलकंठ महादेव को कांवड़ चढ़ाई और विशेष पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
आशावरी माता मंदिर में भी टेका माथा नीलकंठ महादेव के दर्शन और पंगत प्रसादी के पश्चात श्रद्धालुओं ने समीप ही स्थित प्रसिद्ध आशावरी माता मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में प्रसाद अर्पित कर अपनी मन्नतें मांगी। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों और स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

