दुष्कर्म के आरोपी का निकाला जुलूस, पुलिस की अपराधियों में भय बनाए रखने की पहल
टहला (रितीक शर्मा) पुलिस थाना इलाके में नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में अलवर पुलिस ने राजगढ़ पुलिस थाना, डीएसटी, सदर एवं टहला टीम की नाबालिग बालिका का अपरहण कर दुष्कर्म के प्रकरण में संयुक्त कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी व आरोपी को शरण देने वाले उसके सहयोगी को भी दबोच लिया है।
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि टहला थाने में 24 जून 2026 को नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीमों ने लगातार 24 घंटे तक करीब 220 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की पहचान के बाद उसे दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पकड़ने के दौरान वह भागने की कोशिश में गिर पड़ा.जिससे उसके दोनों पैरों में चोटें आईं।
मुख्य आरोपी को शरण देने के आरोप में भी एक को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि उसने इस बच्ची को अकेला देखा और इसको अपहरण कर ले गया, आरोपी पहले भी इस गांव के रास्तों का जानकारी था और आया भी है. अपराधी गतिविधियों के चलते हुए पत्नी उसके पास नहीं रहती है .पीड़िता के घर पर कैमरे लगे हुए थे. जिसके आधार पर उसकी फोटो कैप्चर हुई थी।
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि सबसे पहले इसके साथी को पकड़ा गया। दोनों मुख्य आरोपी और सहयोग करता आरोपी जयपुर में ही ओला की कैब चलाते हैं। पुलिस ने पूछताछ में मुख्य आरोपी ने खुलासा किया कि वारदात में जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया, वह चोरी की थी.पुलिस अब बाइक चोरी के मामले में भी जांच कर रही है.
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से पोक्सो, चोरी और एनडीपीएस एक्ट सहित कुल चार आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं सहयोगी के खिलाफ भी चोरी के चार मामले दर्ज हैं.दोनों आरोपियों का अन्य जिलों के थानों से भी आपराधिक रिकॉर्ड मंगवाया जा रहा है.
इस गंभीर मामले में अलवर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 24 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी.पुलिस अधिकारियों के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और खुफिया सूचना के समन्वय से आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। मामले में आगे का अनुसंधान जारी है.


