ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे के तहत विद्यालयों में होंगे विधिक जागरूकता शिविर
न्यायिक अधिकारी विद्यार्थियों को देंगे कानून, अधिकार एवं नशामुक्ति का संदेश; ड्रग्स को कहें न, जिंदगी को कहें हाँ नशा छोड़ो, सपने जोड़ो विषय पर होगा संवाद
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिले के सभी न्यायिक अधिकारी प्रत्येक माह प्रथम व तृतीय मंगलवार को विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे तथा कानूनी बारीकियों के साथ विद्यार्थियों के हित से जुड़े कानूनों की जानकारी देंगे। मंगलवार, 7 एवं 21 जुलाई को प्रातः 8 बजे से 9 बजे तक जिले के चयनित विद्यालयों में ड्रग्स को कहें न, जिंदगी को कहें हाँ नशा छोड़ो, सपने जोड़ो विषय पर विशेष विधिक जागरूकता शिविर आयोजित होंगे।
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश नवीन कुमार किलानियॉ ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता विकसित करने एवं उन्हें कानून से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान के तहत जिले के सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि जिला एवं सेशन न्यायाधीश के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के संयुक्त समन्वय से जिले के चयनित विद्यालयों में प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को 30 से 60 मिनट की अवधि में न्यायिक अधिकारी संवाद करेंगे। उन्होंने बताया कि 7 एवं 21 जुलाई को प्रातः 8 बजे से 9 बजे तक जिले के चयनित विद्यालयों में ड्रग्स को कहें न, जिंदगी को कहें हाँ नशा छोड़ो, सपने जोड़ो विषय पर विशेष विधिक जागरूकता शिविर आयोजित होंगे। शिविरों में विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उन्हें नशे के दुष्प्रभाव, कानूनी प्रावधानों, अधिकारों, सुरक्षा तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के संबंध में सरल हिंदी एवं स्थानीय बोली में जानकारी देंगे।
विद्यालयों में स्थापित होंगी दीदी सुझाव पेटी-
उन्होंने बताया कि शिविरों की विशेष पहल के रूप में जिले में प्रत्येक विद्यालय में कोर्ट वाली दीदी सुझाव एवं शिकायत पेटी स्थापित की जाएगी। यह पेटी तीन दिनों तक ऐसे स्थान पर रखी जाएगी, जहां विद्यार्थी बिना किसी संकोच अथवा निगरानी के अपनी शिकायत, सुझाव अथवा समस्या लिखकर डाल सकेंगे। प्राप्त सुझावों एवं शिकायतों पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने आमजन, अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंधन से इस जनहितकारी अभियान में सहयोग करने तथा विद्यार्थियों को अधिक से अधिक संख्या में विधिक जागरूकता शिविरों से जोड़ने की अपील की है, ताकि वे अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक होकर सुरक्षित, जिम्मेदार एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।


