सूडान के स्टील प्लांट में हादसा: बिलारी के धर्मेंद्र की मौत, 18 दिन बाद घर पहुंचा पार्थिव शरीर
चौरीचौरा, (गोरखपुर/शशि जायसवाल)। रोजी-रोटी के लिए सूडान गए चौरीचौरा के बिलारी गांव निवासी धर्मेंद्र यादव की स्टील प्लांट में हुए भट्टी विस्फोट में मौत हो गई। हादसे के करीब 18 दिन बाद शुक्रवार सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
बताया जा रहा है कि 17 अगस्त की रात स्टील प्लांट में भट्टी में ब्लास्ट हुआ था। घटना के अगले दिन कंपनी ने परिवार को धर्मेंद्र की मौत की सूचना दी। इसके बाद सूडान में पोस्टमार्टम सहित अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। शव को भारत लाने की प्रक्रिया में कई दिन लग गए।
परिजनों के अनुसार 2 सितंबर को कंपनी ने फोन पर शव को भारत भेजे जाने की जानकारी दी। अगले दिन शव दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा और वहां से लखनऊ भेजा गया। लखनऊ पहुंचने के बाद एंबुलेंस से शव को बिलारी गांव लाया गया।
13 साल के बेटे ने दी पिता को अंतिम विदाई
शुक्रवार सुबह शव गांव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। इसके बाद झंगहा के गौरी घाट पर धर्मेंद्र यादव का अंतिम संस्कार किया गया। उनके 13 वर्षीय बेटे पवन यादव ने पिता को मुखाग्नि दी। धर्मेंद्र के परिवार में पत्नी अनीता देवी के अलावा तीन बेटे हैं। पवन 13 वर्ष, नैतिक 12 वर्ष और अंश 10 वर्ष के हैं। पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अंतिम संस्कार में रिश्तेदारों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी शामिल हुए।
परिजनों ने सरकार और संबंधित कंपनी से परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सहायता और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

