महाआरती और भजन-कीर्तन के साथ मना संत गिगनाथ महाराज का बरसी महोत्सव, चरण पादुका पूजन में पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु
बावड़ी/जोधपुर (मिश्रीलाल लखारा): उपखंड क्षेत्र के सोयला कस्बे के मालियों का बास स्थित गोरख कुटीर आश्रम में रविवार को आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। आश्रम के दिवंगत संत गिगनाथ महाराज के 43वें वार्षिक बरसी महोत्सव के उपलक्ष्य में विशाल सत्संग एवं धार्मिक प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सोयला सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने शिरकत की।
चरण पादुका पूजन के साथ महाआरती
महोत्सव के अवसर पर प्रातःकाल दिवंगत संत गिगनाथ महाराज के निज मंदिर में विधि-विधान से महाआरती का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने संत की चरण पादुकाओं का पूजन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद दोपहर में भव्य सत्संग कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
सत्संग से ही संभव है परमात्मा का द्वार: महंत आदुनाथ
सत्संग को संबोधित करते हुए महंत आदुनाथ महाराज ने कहा कि संत महापुरुषों का जीवन सदैव दूसरों के कल्याण और परोपकार के लिए समर्पित होता है। महापुरुषों की शरणागति से बड़े से बड़े पापी और अधम व्यक्ति का भी उद्धार हो जाता है। यदि कलयुग के इस भवसागर से पार उतरना है, तो धर्म और संतों की सत्संग रूपी नाव का आश्रय लेना ही एकमात्र मार्ग है। उन्होंने श्रद्धालुओं से संतों व सद्गुरुओं के बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल बनाने का आह्वान किया।
संतों के भजनों से गुंजायमान हुआ आश्रम
कार्यक्रम में जसनाथ महाराज आश्रम के महंत ब्रह्मानंद महाराज, शंभू नाथ, मदन राम जाटोलिया, बाबूराम गहलोत और पांचाराम सोलंकी सहित कई साधु-संतों ने एक से बढ़कर एक भजन और विचार प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। दिनभर चले इस धार्मिक अनुष्ठान में पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

