"नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की": खेड़ापा में सजीं कृष्ण-राधा की मनमोहक झांकियां, मध्य रात्रि 12 बजे बाल गोपाल को झुलाया झूला
छोटी काशी रामधाम खेड़ापा में उल्लास के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, आकर्षक झांकियों और दही हांडी उत्सव में उमड़े हजारों श्रद्धालु
बावड़ी/खेड़ापा (जोधपुर) | मिश्रीलाल लखारा
बावड़ी उपखंड क्षेत्र में अखिल भारतीय रामस्नेही संप्रदाय की प्रमुख आचार्य पीठ एवं 'छोटी काशी' के नाम से विख्यात रामधाम खेड़ापा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आचार्य श्री पुरुषोत्तमदास महाराज के पावन सानिध्य तथा उत्तराधिकारी संत गोविन्दराम शास्त्री महाराज के निर्देशन में आयोजित इस भव्य महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।
आकर्षक झांकियों से भक्तिमय हुआ परिसर
चातुर्मास सत्संग के पावन अवसर पर रामधाम खेड़ापा मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण, राधारानी और नंद बाबा के जीवन प्रसंगों पर आधारित मनमोहक एवं रंग-बिरंगी झांकियां सजाई गईं। पूरा परिसर "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के जयघोषों और भजन-कीर्तन से गुंजायमान रहा।
दही हांडी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं आकर्षण का केंद्र
महोत्सव के दौरान आयोजित दही हांडी कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने नृत्य एवं नाट्य मंचन के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी लीलाओं का जीवंत चित्रण किया, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
संत गोविन्दराम शास्त्री के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
जन्माष्टमी के अवसर पर उत्तराधिकारी संत गोविन्दराम शास्त्री महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा से ओत-प्रोत भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियां दीं, जिन पर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूम उठे। सत्संग के दौरान संत-महात्माओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, धर्म, सदाचार और मानव सेवा के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
मध्य रात्रि 12 बजे जन्मोत्सव और झूला रस्म
रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के शुभ मुहूर्त पर संत गोविन्दराम शास्त्री महाराज ने विधि-विधान से बाल गोपाल को पालने में विराजित कर झूला झुलाया। इसके बाद महाआरती की गई तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से खचाखच भरा रहा।

