दिन में मजदूरी की आड़ में रेकी, रात में दरिंदगी: सोते समय महिला के कान फाड़कर सोने की बालियाँ छीन ले गए थे बदमाश,3 आरोपी गिरफ्तार
भीलवाड़ा : ग्रामीण अंचलों में रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर लूट और छीना-झपटी करने वाली शातिर अपराधियों की टोली का आखिरकार मांडल थाना पुलिस ने भांडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने इलाके में दहशत फैलाने वाले कालबेलिया गैंग के तीन शातिर बदमाशों को दबोचकर कई सनसनीखेज वारदातों का पर्दाफाश किया है। पकड़े गए आरोपियों में रतनलाल कालबेलिया, राजेश उर्फ भोल्या कालबेलिया और शंकरनाथ कालबेलिया शामिल हैं।
दर्दनाक वारदात: महिला के कान फाड़कर खींची बालियाँ
मामले का खुलासा करते हुए मांडल थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह नरूका ने बताया कि 21 जुलाई की रात लुहारिया गांव के खेत में सो रहे जाकिर हुसैन और उनकी पत्नी पर बदमाशों ने हमला बोला। बेखौफ बदमाशों ने महिला के कानों से करीब 10 ग्राम सोने की बालियाँ इतनी बेरहमी से खींचीं कि उनके दोनों कान फट गए। पीड़िता के लहूलुहान होने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित पति की रिपोर्ट पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
50 से ज्यादा CCTV फुटेज और हाई-टेक जांच
शातिर बदमाशों तक पहुँचने के लिए पुलिस ने एक विशेष रणनीति बनाई। वारदात स्थल और आसपास के रास्तों पर लगे 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज को घंटों खंगाला गया। अपराधियों के मोबाइल इस्तेमाल न करने के कारण पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ अपने पारंपरिक 'मुखबिर तंत्र' को सक्रिय किया। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने तीनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
शातिर दिमाग: 'भोल्या' का खौफनाक मास्टरप्लान
पुलिस जांच में आरोपियों के काम करने के बेहद चौंकाने वाले तरीके का खुलासा हुआ है:
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किराएदार बनकर रेकी: मुख्य आरोपी राजेश उर्फ 'भोल्या' लुहारिया गांव में किराए का मकान लेकर मजदूरी करता था।
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गांव-गांव घूमकर टारगेट तय करना: मजदूरी के दौरान भोल्या दिन में घूम-घूमकर सुनसान मकानों, खेतों और शिकार की रेकी करता था।
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वारदात के बाद नॉर्मल लाइफ: रेकी पूरी होते ही वह अपने साथियों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिलवाता। साथी माल लेकर चंपत हो जाते और भोल्या अगले ही दिन फिर से मजदूरी करने लगता, ताकि उस पर किसी को शक न हो।
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डिजिटल सबूतों से दूरी: पुलिस से बचने के लिए यह गैंग वारदात के दौरान किसी भी तरह के मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था।
बढ़ सकती है वारदातों की संख्या
मांडल थाना क्षेत्र के लुहारिया, सोदानपुरा और केरिया खेड़ा के अलावा इस शातिर गैंग ने बागोर थाना क्षेत्र में भी लूट और छीना-झपटी की कई घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है, जिससे क्षेत्र में हुई अन्य चोरी और लूट की वारदातों के बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

