कठूमर में शरद पूर्णिमा पर निकली कुंडा वाले बाबा रामदयाल की भव्य झांकी: दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
कठूमर (दिनेश लेखी): कठूमर कस्बे में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर हर वर्ष की भांति इस बार भी प्रसिद्ध कुंडा वाले बाबा रामदयाल की भव्य झांकी निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन के दौरान बाबा के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बाबा रामदयाल के समक्ष शीश नवाकर अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।
चमत्कारिक लोककथाएं और पीढ़ियों से चली आ रही आस्था: कुंडा वाले बाबा रामदयाल के प्रति स्थानीय लोगों में लंबे समय से अटूट श्रद्धा बनी हुई है। बाबा के जीवन और उनकी महिमा से जुड़ी कई चमत्कारिक लोककथाएं आज भी जनमानस में बड़े चाव से सुनी और सुनाई जाती हैं। इनमें अखाद्य/निषेध वस्तु को खीर में बदलने और मृत बैल को पुनः जीवित करने जैसी चमत्कारिक घटनाएं प्रमुख हैं। इन दिव्य गाथाओं को बाबा के शिष्यों की अगली पीढ़ियां आज भी सुनाती हैं, जिन्होंने इस सांस्कृतिक व धार्मिक विरासत को जीवंत रखा है।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति: शरद पूर्णिमा पर आयोजित इस झांकी और धार्मिक कार्यक्रम में कठूमर नगरपालिका उपाध्यक्ष जयप्रकाश दीक्षित सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस सफल आयोजन ने एक बार फिर बाबा रामदयाल के प्रति क्षेत्रवासियों की अटूट आस्था और समृद्ध परंपरा को उजागर किया है।

