त्योहारों पर महंगाई की मार: दालों के दामों में 10 से 20 रुपये की बढ़ोतरी, बिगड़ गया आम आदमी की रसोई का बजट
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन। आगामी त्योहारों के सीजन के बीच महंगाई ने आम आदमी की रसोई पर सीधा हमला बोल दिया है। कस्बे के बाजारों में विभिन्न दालों की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। पिछले कुछ ही दिनों के भीतर दालों के दाम 10 से 20 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। पहले से ही महंगी सब्जियों से परेशान मध्यवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए अब 'दाल-रोटी' का गुजारा करना भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
अरहर और उड़द के दामों में भारी तेजी
स्थानीय बाजार में अरहर (तुअर) की दाल 150 रुपये प्रति किलो और उड़द की दाल 160 रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गई है। अन्य दालों के दामों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। खाद्य पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
कम आवक और बेमौसम बारिश बनी मुख्य वजह
किराना व्यापारी मनोज कुमार और उदय चंद ने बताया कि इस बार मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव और असमय हुई बारिश के कारण दालों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बाजार में त्योहारों के कारण दालों की मांग तो काफी अधिक है, लेकिन मंडियों से आपूर्ति (आवक) बहुत कम हो रही है। आपूर्ति और मांग के इसी अंतर के चलते कीमतों में यह तेजी आई है।
आमजन व गृहिणियों की जुबानी
"बजट संभालना हुआ मुश्किल"
"दाल हमारे रोजमर्रा के भोजन का सबसे मुख्य हिस्सा है। सब्जियों के दाम पहले से ही आसमान छू रहे थे, अब त्योहारों के मौके पर दालें भी महंगी हो गई हैं। ऐसे में महीने का घरेलू बजट संभालना बेहद मुश्किल हो गया है।"
— रामा देवी, गृहिणी
"जरूरी सामान खरीदने से पहले सोचना पड़ रहा"
"त्योहारों के समय वैसे ही घर के अन्य खर्चे बढ़ जाते हैं। ऐसे में अचानक रसोई के राशन के दाम बढ़ने से परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। अब बाजार से कोई भी जरूरी सामान खरीदने से पहले कई बार सोचना पड़ रहा है।"
— उषा गुप्ता, गृहिणी

