बाबू बाबा महाराज पोस्टर का विमोचन, न्यौंठा में मेला 25 को: अन्नकूट व रज का होगा वितरण
हलैना (विष्णु मित्तल) श्री बाबू बाबा मेला कमेटी,ग्राम पंचायत एवं बाबू बाबा महाराज के भक्तों की ओर से गावं न्यौंठा स्थित आस्था से भरपूर श्री बाबू बाबा मन्दिर पर 25 अगस्त को आयोजित बाबू बाबा महाराज होगा,जिस मेले के तैयारियों के लिए शनिवार को मेला कमेटी का गठन,मेले की रूपरेखा तय एवं पोस्टर विमोचन आदि कार्यक्रम हुए। सर्वसम्मति से मेला कमेटी में रिटायर्ड शिक्षक पुरुषोत्तम गुर्जर संयोजक तथा
रिटायर्ड आयुर्वेद कम्पाउन्डर लाखन पाठक अध्यक्ष,एड.रामकिसन गुर्जर सचिव, पुरूषोत्तम मास्टर कोषाध्यक्ष, तुलसीराम सोलंकी व मीना पाठक उपाध्याक्ष, संरक्षक लीलावती गुर्जर, प्रवक्ता काशी कसाना व बाबूसिंह गुर्जर,महिला प्रकोष्ठ की प्रहलादी संयोजक व राजकुमारी सह संयोजक नियुक्त किए। ये मेला 24 अगस्त को कलश यात्रा,महादीप यज्ञ एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ शुरू होगा,25 अगस्त को मुख्य मेला भरेगा और 26 अगस्त को महाआरती के साथ समापन होगा।
मेला कमेटी के अध्यक्ष लाखन पाठक एवं सचिव रामकिसन एडवोकेट बताते है कि गांव न्यौंठा में आस्था ,भाईचारा-प्रेम की भावना से भरपूर श्री बाबू बाबा महाराज मन्दिर पर 25 अगस्त को श्री बाबू बाबा मेला आयोजित होगा,जिस मेले की सभी तैयारियां पूरी हो गई और मेला का कार्यक्रम तय कर पोस्टर का विमोचन किया।
उन्होने बताया कि मेले से एक दिन पहले 24 अगस्त को सायं 3ः00 बजे खेलकूद प्रतियोगिताए, सायं 4ः00 बजे शान्तिकुन्ज हरिद्वार गायत्री परिवार के सानिध्यं में भव्य कलश यात्रा,सायं 6ः00 बजे से 7ः00 बजे तक महादीप यज्ञ होगा। 25 अगस्त को सुबह 7ः15 बजे मेला का उद्घाटन व पताका व नारियल का चढावा,8ः00 बजे छप्पन भोग व फूल बंगला दर्शन,सुबह 8ः15 बजे से बाबा की रज तथा अन्नकूट प्रसादी वितरण होगा। इसी दिन सुबह 10ः00 बजे से सायं 5ः00 बजे तक रागनी कम्पटीशन,सायं 7ः00 बजे महाआरती और 26 अगस्त को सुबह 7ः15 बजे मेला का समापन होगा।
उन्होने बताया कि रागनी गायन की प्रस्तुति हरियाणा के योगेश मास्टर एवं पार्टी देंगे। जिसमें बुलन्दशहर के रागनी गायक सतपाल नादर,अलीगढ के सुनील चौहान, झुंझुनु के मन्नू तॅवर, रांकोली के जगमोहन गुर्जर, पलवल की गायिका नीतू भाटी, बुलन्दशहर की रिंकू चौधरी, दिल्ली की छाया चौधरी व भावना भाटी, नोएडा की डिम्पल चौधरी आदि देशभक्ति,धार्मिक,सामाजिक,बृज के रसियां, लोकदेवता व महापुरूषों की कथा आदि पर आधारित रागनी,गीत की हास्य, ओजस्वी, करूणा रस में प्रस्तृतियां देंगे। उन्होने बताया कि पाश्यचात संस्कृति पर आधारित गाना और अश्लीन व भद्दे गाना पर प्रतिबन्ध रहेगा।