भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों आने वाले सभी रोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाऐं मिलें तथा पात्रजनों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ परदर्शिता से दिया जाये। उन्होंने विभागीय बजट घोषणाओं को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करते हुये निर्माण कार्याें के दौरान संबंधित ऐजेन्सियों से संवाद बनाये रखने के निर्देश दिये।
प्रमुख शासन सचिव शुक्रवार को जगन्नाथ पहाडिया राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुये अस्पतालों की सुविधाओं एवं बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहीं थी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक रोगी को बेहतर सुविधाऐं मिलें तथा जहॉ भी सुधार की आवश्यकता हो उनमें समय पर सुधार किया जाये। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आने वाले रोगी को सुविधाओं के संतुष्टि भी मिले इसके लिये चिकित्सा अधिकारी समय-समय पर फीडबैक लेकर सुधारात्मक कदम उठाऐं। उन्होंने चिकित्सा विभाग में उपलब्ध मानव संसाधन का अधिकतम सदुपयोग के लिये आवश्यक स्थानों के अनुसार आंकलन कर जिला कलक्टर के निर्देशन में व्यवस्थाऐं सुचारू करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज स्तर पर जो भी फैकल्टी के पद रिक्त हैं उनमें यूटीवी के आधार पर पदों को भरने का प्रयास करें। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में अतिरिक्त कोर्स एवं एक्सीलेंस सेंटर के लिये प्रस्ताव बनाने तथा सभी विभागाध्यक्षों से चर्चा कर कॉलेज स्तर पर सुधारात्मक कदम के लिये टीम भावना से कार्य करने के निर्देश दिये।
प्रमुख शासन सचिव ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से अनावश्यक रोगी रैफरल नहीं किये जायें इसके लिये कार्ययोजना बनाकर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से जो भी मरीज आ रहे हैं वे किस क्षेत्र तथा किस प्रकार की बीमारी से ग्रसित हैं इसका समय समय पर आंकलन करते हुये संबंधित क्षेत्रों में विशेष कदम उठाकर लोगों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ दिलाऐं। उन्होंने बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुये सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा कराने एवं चिकित्सा उपकरणों की समय पर खरीद कर जिले के नागरिकों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं के लिये अस्पतालों में आम रोगियों को असुविधा नहीं हो इसके लिये निदेशालय स्तर पर संवाद कर आवश्यक संसाधनों की पूर्ति करें।
प्रमुख शासन सचिव ने ट्रोमा सेंटर एवं जनाना अस्पताल के लिये प्रस्तावित भूमि का भी निरीक्षण किया तथा बजट घोषणा के अनुरूप आरएसआरडीसी से समन्वय कर कार्य को गति देने के निर्देश दिये। उन्हांेने अस्पतालों में उपलब्ध बैड से अधिक संख्या में ओपीडी-आईपीडी को देखते हुये चिकित्सा अधिकारियों को आपसी समन्वय से बेहतर कार्य करने, लाडो योजना का समय पर लाभ देने, एमआरएस मद का चिकित्सा सेवाओं में सुधार के लिये उपयोग करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. विवेक भारद्वाज, अतिरिक्त कलक्टर शहर राहुल सैनी, अधीक्षक आरबीएम अस्पताल डॉ. नगेन्द्र भदौरिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गौरव कपूर, मेडिकल कॉलेज के सभी विभागाध्यक्ष सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।