उदयपुरवाटी पालिका क्षेत्र की बदहाल सफाई व्यवस्था, बेसहारा पशुओं और रोशनी व्यवस्था के संबंध में उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव) पार्षद प्रतिनिधि मंडल ने उपखंड अधिकारी, उदयपुरवाटी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें शहर की अत्यंत बदहाल सफाई व्यवस्था, बेसहारा पशुओं की समस्या और चरमराई हुई रोशनी व्यवस्था के संबंध में तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया कि पिछले 6 महीनों से उदयपुरवाटी पालिका क्षेत्र के समस्त वार्डों में नियमित सफाई नहीं की गई है, जिससे शहर में गंदगी का साम्राज्य फैल गया है। शहर के सभी नाले गंदे पानी से अटे पड़े हैं और अवरुद्ध हो चुके हैं, जिससे जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। पालिका ईओ को बार-बार अवगत करवाने के बावजूद भी कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे स्वच्छ भारत अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है।
*विशेष समस्याएँ निम्नलिखित हैं:*
1 नालों की अवरुद्ध स्थिति - SDM ऑफिस से तुलसी घाट दिल्ली हाइवे, गट्टे वाले बालाजी मंदिर घाट नाला में भयंकर गंदगी।
- - गट्टे वाले बालाजी मंदिर से झुंझुनूं रोड तक के नाले वर्षों से अवरुद्ध।
- - डोकोनिया भवन से कन्यापाठ शाला तक, चुंगी नम्बर 3 से घुमचक्कर तक के नाले बंद।
- - शाकम्भरी गेट से न्यू उदयपुरवाटी विद्यालय तक सड़क डिवाइडर पर कूड़ा जमा।
2. बेसहारा पशु: उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
3. रोशनी व्यवस्था: पिछले छह माह से पोल, नई लाईट, केबल के अभाव में व्यवस्था ठप।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि इन समस्याओं पर तत्काल ध्यान दिया जाए और सात दिन के भीतर कार्रवाई न होने पर जनांदोलन किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे:
- पार्षद राधेश्याम रचेता
- कुलदीप कटारिया
- गोविंद वाल्मिकी
- अजय तसीड़
- भगीरथ सैनी
- एडवोकेट शिशुपाल सैनी
- माहिर खान
चेतावनी:
यदि सात दिन के भीतर उपरोक्त बिंदुओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा जनांदोलन होगा

