खुतड़मल भैरुंजी के जयकारों से गूंजेगी चंवरा की घाटी, मकर संक्रांति पर भरेगा भव्य मेला
उदयपुरवाटी (चंवरा-किशोरपुरा) सुमेर सिंह राव । क्षेत्र के आराध्य देव खुतड़मल भैरुंजी महाराज की तपोभूमि, चंवरा-किशोरपुरा गांव की भैरुं घाटी में इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। मेले के सफल आयोजन को लेकर तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद को देखते हुए आयोजन समिति ने व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद कर लिया है।
सांस्कृतिक और खेलकूद का संगम राजेश खटाणा किशोरपुरा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा, बल्कि ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को भी बड़ा मंच प्रदान करेगा। मेले में कबड्डी, लंबी कूद, ऊंची कूद के साथ-साथ राजस्थानी संस्कृति की पहचान 'घोड़ी दौड़' और 'ऊंट दौड़' विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। खेल प्रेमियों के लिए कुश्ती दंगल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अंतिम कुश्ती 21,000 रुपये के नकद इनाम के लिए होगी।
भजन संध्या और मनोरंजन मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर यानी 13 जनवरी की रात को विशाल भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें ख्यातनाम कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। मेले में बच्चों और ग्रामीणों के मनोरंजन के लिए बड़े झूले और विभिन्न प्रकार की दुकानें सजने लगी हैं। दुकानदारों के लिए जगह का आवंटन पहले ही सुनिश्चित कर दिया गया है।
प्रमुख आकर्षण एक नजर में:-
-
दिनांक: 13 जनवरी (भजन संध्या) एवं 14 जनवरी (मुख्य मेला)।
-
मुख्य मुकाबला: ₹21,000 की इनामी कुश्ती।
-
रोमांच: ऊंट और घोड़ी दौड़ की अद्भुत प्रतिस्पर्धा।
-
पुरस्कार: भामाशाह सुमेर सैनी द्वारा सम्मान।
भामाशाह करेंगे विजेताओं का सम्मान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भामाशाह रियासत ग्रुप के संचालक सुमेर सैनी एवं ग्राम पंचायत की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा। मीन सेना प्रमुख सुरेश मीणा ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं और खेल प्रेमियों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस भव्य आयोजन की शोभा बढ़ाएं।
तैयारियों में जुटा कार्यकर्ताओं का हुजूम इस दौरान तैयारियों की समीक्षा बैठक में किशन सिंह शेखावत, विनोद कुमार अध्यापक, प्रदीप खटाणा, रुपा खटाणा, कृष्ण सैन, विकास खटाणा, मामराज खटाणा, लीलाराम खटाणा, भरत सैन, दलीप चन्देला, विक्रम खटाणा, सोनू कुमावत और मुकेश खटाणा सहित अनेक गणमान्य ग्रामीण मौजूद रहे।


