"अगर अब नहीं जागे तो विलुप्त हो जाएगी गौ माता", वृन्दावन के संतों ने वैर में भरी गौ-सम्मान की हुंकार,बैठक का हुआ आयोजन
वैर (भरतपुर) कोश्लेंद्र दत्तात्रेय । कस्बा स्थित प्रसिद्ध बाबड़ी वाले हनुमान मंदिर में 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संतों और गौ-भक्तों ने देश में गौवंश की दुर्दशा पर गहरा चिंतन करते हुए केंद्र सरकार से गौ माता को ठोस कानूनी संरक्षण देने की पुरजोर मांग उठाई।
"2036 तक अस्तित्व पर मंडराएगा खतरा"
बैठक को संबोधित करते हुए पूर्वी राजस्थान गौ प्रचारक पूज्य संत वैष्णव दास जी महाराज (वृन्दावन) ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि गौ सेवा और सुरक्षा को लेकर अभी कोई कड़ा निर्णय नहीं लिया गया, तो वर्ष 2036 तक भारत गौवंश विहीन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़कों पर दुर्घटनाग्रस्त होता गोवंश और कत्लखानों में होती निर्दयी हत्याएं हमारी सनातन संस्कृति पर बड़ा आघात हैं। तहसील गौ प्रचारक रवि बनाफल और घनश्याम मीणा पांचौली ने बताया कि वृन्दावन धाम में संतों के सानिध्य में बनी कार्ययोजना के अनुसार, आगामी 27 अप्रैल 2026 को संपूर्ण भारतवर्ष की प्रत्येक तहसील पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। वैर में भी हजारों की संख्या में गौ-भक्त तहसीलदार कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
गैर-राजनीतिक और शांतिपूर्ण अभियान
गौ सेवकों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी सरकार के विरुद्ध नहीं है, बल्कि संविधान के दायरे में रहकर गौ माता को उनका खोया हुआ सम्मान दिलाने और गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भारत के कई प्रांतों में गौ-वध की छूट होना चिंताजनक है और अब पूरे देश में एक समान कठोर कानून की आवश्यकता है।
इनकी रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में चरण सिंह, अर्पित पराशर, तेज सिंह गुर्जर, राहुल सैनी, राकेश, बिट्टू, रोहित, लवकुश, अभि, खूबीराम, सचिन और विक्रम सहित बड़ी संख्या में गौ-भक्त और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाएंगे।